Bhagalpur में जाम से मिलेगी राहत, Zero Mile पर बनेगा नया फ्लाईओवर और बंशीटीकर में VUP को मिली मंजूरी
Bihar/Bhagalpur: भागलपुर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक जीरोमाइल पर अब एक और नया फ्लाईओवर बनेगा। साथ ही बंशीटीकर के ब्लैक स्पॉट पर व्हीकल अंडरपास (VUP) के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है
Bihar/Bhagalpur: भागलपुर के लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक जीरोमाइल पर अब एक और नया फ्लाईओवर बनेगा। साथ ही बंशीटीकर के ब्लैक स्पॉट पर व्हीकल अंडरपास (VUP) के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। NHAI इस प्रोजेक्ट के जरिए ट्रैफिक जाम की समस्या को खत्म करने और सड़क हादसों को रोकने की तैयारी में है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, इस निर्माण कार्य की शुरुआत अक्टूबर से होने की उम्मीद है। जैसे ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को आखिरी मंजूरी मिलेगी, टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जीरोमाइल पर मौजूदा सड़क के साथ एक समानांतर टू-लेन फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे गाड़ियों की आवाजाही आसान हो जाएगी। बंशीटीकर में वीयूपी का निर्माण उन जगहों पर होगा जहाँ अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, ताकि सफर सुरक्षित हो सके।
यह पूरा प्रोजेक्ट नवगछिया-चौधरीडीह फोरलेन सड़क का हिस्सा है। इसके तहत महादेवपुर घाट से फोरलेन पुल तक करीब 900 मीटर लंबा सुरक्षा बांध बनाया जाएगा, जिस पर 9 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, नवगछिया की ओर जाह्नवी चौक से 53 मीटर चौड़ी और 18 मीटर ऊंची एप्रोच रोड बनाई जाएगी। भागलपुर की तरफ भी एप्रोच रोड की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी, जिससे विक्रमशिला सेतु और नए पुल के साथ मिलकर जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक छह लेन का कॉरिडोर तैयार हो जाएगा।
| परियोजना का हिस्सा | दूरी/विवरण | अनुमानित लागत |
|---|---|---|
| पहला चरण (जीरोमाइल से जाह्नवी चौक) | 9 किलोमीटर | 295 करोड़ रुपये |
| दूसरा चरण (बरारी बाइपास से चौधरीडीह) | 4.5 किलोमीटर | 111 करोड़ रुपये |
| रेल ओवरब्रिज (गोपालपुर के पास) | 60 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा | प्रस्तावित |
ट्रैफिक को और बेहतर बनाने के लिए गोपालपुर के पास एक नया रेल ओवरब्रिज (ROB) भी बनेगा, जिससे सेंट टेरेसा स्कूल और एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को आसानी होगी। इसके साथ ही जाह्नवी चौक और तेतरी के पास भी व्हीकल अंडरपास बनाए जाएंगे। NHAI के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार राय ने बताया कि डीपीआर की मंजूरी के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस पूरी परियोजना के 2028 तक पूरा होने की संभावना है।