Bihar: भागलपुर का मशहूर जर्दालू आम अब सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है. अपनी खास खुशबू और मिठास की वजह से इसे उत्तर भारत का अल्फांसो कहा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की
Bihar: भागलपुर का मशहूर जर्दालू आम अब सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना रहा है. अपनी खास खुशबू और मिठास की वजह से इसे उत्तर भारत का अल्फांसो कहा जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस आम की तारीफ की है, जिसके बाद इसकी मांग और बढ़ गई है.
जर्दालू आम की खासियत और कमाई का जरिया
जर्दालू आम को 2018 में GI टैग मिला था, जिससे इसकी ब्रांडिंग आसान हो गई और विदेशों में इसकी बिक्री बढ़ी. किसानों का दावा है कि एक बीघा बगीचे से 5 लाख रुपये तक की कमाई की जा सकती है. यह आम फाइबर और एंजाइम से भरपूर है. इसकी हल्की मिठास के कारण मधुमेह के रोगी भी इसे सुरक्षित तरीके से खा सकते हैं क्योंकि यह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता है.
VVIPs को भेजे जा रहे आम और निर्यात की स्थिति
प्रधानमंत्री की तारीफ के बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई बड़े नेताओं को 125 क्विंटल से ज्यादा जर्दालू आम भेजे जा रहे हैं. इसकी पैकिंग सुल्तानगंज के मधुबन फार्म में हो रही है. बिहार सरकार और APEDA के सहयोग से इसे लंदन और बहरीन भेजा जा चुका है. आने वाले समय में इसे अमेरिका और यूरोपीय देशों के बाजारों में भी पहुंचाने की योजना है.
किसानों के सामने चुनौतियां और बाजार भाव
एक तरफ जहां मांग बढ़ी है, वहीं इस साल किसानों को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. तूफानों और बारिश की वजह से उत्पादन में 50% की गिरावट आई है और करीब 30% फसल खराब हुई है. पिछले साल यह आम 40-42 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जो इस साल गिरकर 30-35 रुपये रह गया है. साथ ही परिवहन लागत बढ़ने से बाहरी राज्यों के खरीदार कम हुए हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
जर्दालू आम को GI टैग कब मिला और इसका क्या फायदा है?
भागलपुर के जर्दालू आम को 2018 में भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला. इससे इसकी गुणवत्ता की अंतरराष्ट्रीय पहचान हुई और अमेरिका व यूके जैसे देशों में इसकी ब्रांडिंग और बिक्री आसान हो गई.
क्या डायबिटीज के मरीज जर्दालू आम खा सकते हैं?
हाँ, विशेषज्ञों और किसानों के अनुसार जर्दालू आम की मिठास हल्की होती है, इसलिए यह रक्त शर्करा के स्तर को नहीं बढ़ाता और मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित माना जाता है.