Bhagalpur में विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, क्लस्टर बनाकर शुरू करेंगी अपना रोजगार

Bhagalpur: समाज के सबसे पिछड़े और बेसहारा तबके की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भागलपुर में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। जीवन जागृति सोसाइटी, बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और जीविका मिलकर विधवा,

Bhagalpur: समाज के सबसे पिछड़े और बेसहारा तबके की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए भागलपुर में एक बड़ी पहल शुरू की गई है। जीवन जागृति सोसाइटी, बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और जीविका मिलकर विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग महिलाओं को ‘सबला’ बनाने के काम में जुटे हैं। इसके तहत महिलाओं के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं ताकि वे अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकें।

इस पूरी मुहिम में राज्य सरकार और जीविका की अहम भूमिका है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जरिए ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। इस योजना के तहत जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के बैंक खाते में 10,000 रुपये की शुरुआती राशि भेजी जाती है। अगर काम सफल रहता है, तो महिलाएं 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी ले सकती हैं, जिसमें उन्हें कोई ब्याज नहीं देना होता और केवल मूलधन वापस करना होता है।

दिव्यांग महिलाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। जीविका द्वारा उनके लिए अलग से स्वयं सहायता समूह बनाए जा रहे हैं और उन्हें सामान्य समूहों के मुकाबले अधिक परिकर्मी निधि दी जा रही है, जो शुरुआत में 50,000 रुपये तक हो सकती है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि इससे दिव्यांग महिलाएं गरीबी से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ेंगी।

योजना के प्रभाव की बात करें तो अक्टूबर 2025 तक बिहार भर में 21 लाख महिलाओं को लाभ मिला, जिसमें अकेले भागलपुर की 62,781 महिलाओं के खाते में पैसे भेजे गए। इससे पहले के चरणों को मिलाकर भागलपुर की कुल 3,76,854 महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है।

विवरण जानकारी
शुरुआती सहायता राशि 10,000 रुपये
अधिकतम अतिरिक्त सहायता 2 लाख रुपये (ब्याज मुक्त)
दिव्यांगों के लिए परिकर्मी निधि 50,000 रुपये तक
भागलपुर की कुल लाभार्थी महिलाएं 3,76,854
शहरी आवेदनों का सत्यापन लक्ष्य 15 मार्च (फरवरी 2026 अपडेट)

भागलपुर की फूलन कुमारी जैसी कई महिलाओं ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है। उनका कहना है कि इस वित्तीय सहायता से ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए नए बिजनेस और रोजगार के रास्ते खुले हैं। जीवन जागृति सोसाइटी भी सामुदायिक विकास और स्वच्छता जैसे अभियानों के जरिए महिलाओं को जागरूक और सशक्त बना रही है।