Bihar : भागलपुर शहर में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बनी 90 MLD जलापूर्ति योजना पिछले छह महीने से ठप पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि बरारी स्थित वाटर वर्क्स के पास ही गंगा नदी बह
Bihar : भागलपुर शहर में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से बनी 90 MLD जलापूर्ति योजना पिछले छह महीने से ठप पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि बरारी स्थित वाटर वर्क्स के पास ही गंगा नदी बह रही है, लेकिन BUIDCO पानी को प्लांट तक पहुंचाने में नाकाम रहा है।
योजना में क्या है खराबी और क्यों गहराया संकट
शहर की जलापूर्ति के लिए लगाए गए 160 HP के पंप ने काम करना बंद कर दिया, जिससे पूरा सिस्टम बैठ गया। अब विभाग नए पंप लगाने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल शहर में केवल 1 MLD पानी की सप्लाई हो पा रही है, जो आबादी के मुकाबले बहुत कम है। इस वजह से लोगों में प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी है।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और जिम्मेदार कंपनियां
इस बड़े प्रोजेक्ट को ADB की फंडिंग से बनाया गया है। इसके डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी VA TECH WABAG कंपनी की थी, जिसके साथ 278 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। इस प्लांट का मकसद भागलपुर नगर निगम क्षेत्र के करीब 67,000 घरों तक साफ पानी पहुंचाना था।
| विवरण |
जानकारी |
| प्लांट क्षमता |
90 MLD |
| लागत |
600 करोड़ (कुल) |
| मुख्य एजेंसी |
BUIDCO |
| निर्माण कंपनी |
VA TECH WABAG |
| फंडिंग एजेंसी |
Asian Development Bank (ADB) |
अधिकारियों ने क्या कहा और क्या है डेडलाइन
प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार को देखते हुए मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा और DM नवल किशोर चौधरी ने इसकी समीक्षा की है। DM ने BUIDCO को निर्देश दिया था कि बरारी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम जून 2025 तक पूरा कर जुलाई तक घरों में पानी की सप्लाई शुरू की जाए। विभाग अब इसे युद्ध स्तर पर पूरा करने का दावा कर रहा है।