Bihar: भागलपुर में अब गवाहों को अपनी बात रखने के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही आरोपियों के सामने आने का डर रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यहां ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ (VWDC) बनाया
Bihar: भागलपुर में अब गवाहों को अपनी बात रखने के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और न ही आरोपियों के सामने आने का डर रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यहां ‘वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर’ (VWDC) बनाया जा रहा है। यह केंद्र खास तौर पर बच्चों, महिलाओं और यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों के लिए होगा ताकि वे सुरक्षित माहौल में अपनी गवाही दे सकें।
इस स्पेशल सेंटर की क्या खासियतें होंगी?
इस केंद्र को सामान्य कोर्ट से अलग एक विशेष कक्ष की तरह बनाया जाएगा। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही होगी जिससे गवाह की पहचान गुप्त रहेगी।
- गवाहों के आने-जाने के लिए अलग रास्ता होगा ताकि उनका सामना आरोपी से न हो।
- बच्चों के लिए कमरे में खिलौने, किताबें और रंगीन दीवारें होंगी ताकि वे सहज महसूस करें।
- गवाही के दौरान परिवार का सदस्य या कोई काउंसलर साथ रह सकता है।
- पूरी प्रक्रिया की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग होगी जिससे बार-बार कोर्ट नहीं आना पड़ेगा।
केंद्र के निर्माण और जमीन की क्या स्थिति है?
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने 9 अप्रैल, 2026 को जिला विधिज्ञ संघ परिसर के पास जमीन चिह्नित की है। पटना हाईकोर्ट ने बिहार के सभी 37 न्यायमंडलों में ऐसे केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के ‘स्मृति तुकाराम बड़ाडे बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले के फैसले के बाद यह कदम उठाया गया है। इससे पॉक्सो एक्ट और महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और दोषियों को सजा दिलाने में आसानी होगी।