Bihar: भागलपुर के लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। शहर के विस्तार के लिए सरकार अब नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर ‘विक्रमशिला’ नाम से एक आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इस योजना के तहत अब लोग अपनी मर
Bihar: भागलपुर के लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। शहर के विस्तार के लिए सरकार अब नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर ‘विक्रमशिला’ नाम से एक आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इस योजना के तहत अब लोग अपनी मर्जी से मकान नहीं बना पाएंगे और न ही जमीन की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। प्रशासन अब पूरे क्षेत्र का नक्शा खुद तैयार करेगा ताकि शहर सुनियोजित तरीके से बढ़ सके।
किन गांवों में लगी रोक और क्या हैं नए नियम?
बिहार सरकार के नगर विकास व आवास विभाग ने इस टाउनशिप के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। नाथनगर, शाहकुंड, सुल्तानगंज और नारायणपुर प्रखंड के करीब 84 गांवों की जमीन को ‘रेड लिस्ट’ में डाल दिया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में 30 जून 2027 तक जमीन की रजिस्ट्री, बिक्री और नए भवनों के निर्माण पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह पूरा काम बिहार शहरी आयोजना व विकास अधिनियम, 2012 के नियमों के तहत किया जाएगा।
विक्रमशिला टाउनशिप में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इस नई टाउनशिप का मकसद भागलपुर को आधुनिक बनाना है। विश्व बैंक की टीम और जिला प्रशासन ने मिलकर एक कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दिया गया है:
- चौड़ी सड़कें और व्यवस्थित कॉलोनियां बनाई जाएंगी।
- सीवरेज और मॉडर्न ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलजमाव न हो।
- बिजली और पानी जैसी उपयोगिताओं को भूमिगत (Underground) किया जाएगा।
- शहर में पर्याप्त हरित क्षेत्र (Green Area) विकसित किए जाएंगे।
जलजमाव से निपटने के लिए क्या तैयारी है?
शहर की पुरानी समस्याओं को दूर करने के लिए भागलपुर नगर निगम ने 240 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत 123 नए नालों का निर्माण होगा और पुराने कच्चे नालों को पक्का किया जाएगा। पहले चरण के लिए 72 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसके अलावा, विभिन्न वार्डों में सड़क और नाली बनाने के लिए 5.28 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है, जिसके टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।