Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। पुल के पोल संख्या 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन जॉइंट में गैप बढ़ गया है, जो अब 90 MM तक पहुंच गया है जबकि सामान्य तौर पर यह 40 MM होना चाहिए। इस
Bihar: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर एक बार फिर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। पुल के पोल संख्या 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन जॉइंट में गैप बढ़ गया है, जो अब 90 MM तक पहुंच गया है जबकि सामान्य तौर पर यह 40 MM होना चाहिए। इस खबर के बाद पुल की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है।
पुल की वर्तमान स्थिति और क्या है खतरा
NH विभाग के मुख्य अभियंता संजय भारती ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गैप का बढ़ना एक गंभीर संकेत है क्योंकि साल 2022 में भी इसी तरह की खामी की वजह से पुल का एक हिस्सा गिर गया था। फिलहाल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कर्मचारी इस गैप को लोहे की मोटी चादर से ढक रहे हैं ताकि वाहन सुरक्षित निकल सकें, बाद में यहां रबर कवर लगाया जाएगा।
ट्रैफिक और पुनर्निर्माण की क्या है अपडेट
पुल पर अभी केवल हल्के वाहनों जैसे बाइक, ऑटो, एंबुलेंस और छोटी कारों को एकतरफा व्यवस्था के तहत जाने की अनुमति है, जबकि भारी वाहनों की एंट्री अभी भी बंद है। 3 मई 2026 को स्लैब गिरने के बाद BRO ने 20 दिनों में तीन बेली ब्रिज तैयार किए थे, जिससे 7 जून से यातायात फिर शुरू हुआ।
पुनर्निर्माण और नए पुल का काम कब तक होगा पूरा
दिल्ली की SP Singla कंपनी के एक्सपर्ट्स ने क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कर लिया है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से पुल के कमजोर हिस्सों को फिर से बनाया जाएगा, जिसका लक्ष्य 30 नवंबर तक पूरा करना है। इसके साथ ही, समानांतर बन रहे फोरलेन पुल का 50.15% काम पूरा हो चुका है और मुंगेर-मिर्जाचौकी कॉरिडोर को जुलाई 2026 तक पूरा करने की योजना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर अभी किस तरह के वाहनों को जाने की अनुमति है?
पुल पर फिलहाल केवल हल्के वाहनों जैसे बाइक, ऑटो, एंबुलेंस और छोटे चार पहिया वाहनों को एकतरफा व्यवस्था के तहत जाने की अनुमति है। भारी वाहनों का प्रवेश अभी भी प्रतिबंधित है।
पुल की मरम्मत का काम कौन सी कंपनी कर रही है और यह कब तक पूरा होगा?
पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों का पुनर्निर्माण दिल्ली की SP Singla कंपनी करेगी। पथ निर्माण मंत्री के अनुसार, इस कार्य को पूरा कर 30 नवंबर तक परिचालन बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।