Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण विभाग अलर्ट मोड पर है। अभियंता प्रमुख अनिल कुमार सिंह के निर्देश पर सेतु विशेषज्ञ चंद्र मोहन सिंह ने 11 जून, 2026 को पुल का बारीकी से निरीक्षण किय
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर पथ निर्माण विभाग अलर्ट मोड पर है। अभियंता प्रमुख अनिल कुमार सिंह के निर्देश पर सेतु विशेषज्ञ चंद्र मोहन सिंह ने 11 जून, 2026 को पुल का बारीकी से निरीक्षण किया। इस जांच का मुख्य मकसद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थिति जानना और जल्द से जल्द मरम्मत की योजना बनाना है।
पुल के किन हिस्सों की हुई जांच और क्या मिले निर्देश
सेतु विशेषज्ञ ने पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट, बियरिंग, ड्रेनेज स्पाउट और वेंट की गहन जांच की। उन्होंने देखा कि ड्रेनेज स्पाउट क्षतिग्रस्त हैं और एक्सपेंशन ज्वाइंट की रबर सील भी कटी हुई है। अभियंता प्रमुख ने विशेषज्ञ को निर्देश दिया है कि वे पूरी रिपोर्ट तय फॉर्मैट में जमा करें, जिसमें मरम्मत के काम और उसमें लगने वाली संभावित राशि का पूरा ब्योरा हो।
ट्रैफिक लोड और सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम
निरीक्षण के दौरान पुल पर चल रहे ट्रैफिक लोड और वेंट स्लैब के अंदर की स्थिति देखी गई। विभाग ने ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बैरियर और डायवर्जन की भी जांच की। फिलहाल 7 जून, 2026 से पुल पर 10 टन तक के छोटे और मध्यम वाहनों को एक लेन में चलने की अनुमति दी गई है। सुरक्षा के लिए इंजीनियरों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है ताकि पुल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
पुल की मरम्मत और भविष्य की योजना
3 मई, 2026 को पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद BRO टीम ने बेली ब्रिज बनाकर रास्ता चालू किया था। अब दिल्ली की एसपी सिंगला कंपनी की टीम ने भी जांच की है। करीब 100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट से क्षतिग्रस्त हिस्सों पर नया पुल बनाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि 30 नवंबर, 2026 तक पुल का पूरा परिचालन पूरी तरह बहाल कर दिया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला पुल पर अभी किस तरह के वाहनों को अनुमति है
7 जून, 2026 से पुल पर 10 टन तक के छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहनों को एक लेन में चलने की अनुमति दी गई है।
पुल की पूरी मरम्मत कब तक पूरी होने की उम्मीद है
100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत क्षतिग्रस्त हिस्सों पर नया पुल बनाया जा रहा है, जिसे 30 नवंबर, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।