Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए फेरी सेवा शुरू की है, लेकिन नावों की कमी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रह
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गिरने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए फेरी सेवा शुरू की है, लेकिन नावों की कमी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। शुक्रवार दोपहर को घाट पर भारी भीड़ देखी गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
फेरी सेवा के नियम और किराया क्या है?
जिलाधिकारी Naval Kishore Choudhary ने घाटों का निरीक्षण कर किराए की दरें तय कर दी हैं। अब निजी नाव संचालकों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा और तय रेट पर ही सवारी ले जानी होगी। ओवरचार्जिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- बच्चे (12 साल से कम): ₹25
- वयस्क (Adults): ₹50
- साइकिल: ₹25
- मोटरसाइकिल: ₹50
सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
यात्रियों की सुरक्षा के लिए फेरी सेवा सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक ही चलेगी। घाटों पर SDRF के जवान और डिजास्टर फ्रेंड्स तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने लाइफ जैकेट, लाइट, स्ट्रेचर और एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
पुल की मरम्मत और वैकल्पिक रास्ता कब तक बनेगा?
विक्रमशिला सेतु की पूरी मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लग सकता है। राहत की बात यह है कि BRO की टीम ने निरीक्षण के बाद 10 दिनों के भीतर एक Bailey bridge बनाने की योजना बनाई है, जिससे हल्के वाहनों का आवागमन शुरू हो सकेगा। साथ ही IIT Patna के विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक नया 2-लेन ट्रस ब्रिज बनाने पर भी चर्चा चल रही है। फिलहाल यात्रियों को मुंगेर और सुल्तानगंज के लंबे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु कब और कैसे क्षतिग्रस्त हुआ?
यह हादसा 3 मई 2026 की रात या 4 मई की सुबह हुआ, जब पिलर नंबर 133 के पास पुल का एक स्लैब गंगा नदी में गिर गया। पुलिस ने तुरंत ट्रैफिक रोककर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुल के विकल्प के तौर पर Bailey bridge कब तक तैयार होगा?
BRO की टीम के अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्से के पीछे लगभग 7 मीटर की दूरी पर Bailey bridge बनाने की योजना है, जिससे अगले 10 दिनों में हल्के वाहनों का रास्ता खुल सकता है।