Bihar: भागलपुर का महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु एक बार फिर संकट में है। 4 मई, 2026 की देर रात पुल के पिलर नंबर 133 के पास का 33 मीटर हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे के बाद पुल पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रोक
Bihar: भागलपुर का महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु एक बार फिर संकट में है। 4 मई, 2026 की देर रात पुल के पिलर नंबर 133 के पास का 33 मीटर हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया। इस हादसे के बाद पुल पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे 16 जिलों के करीब 1 लाख लोगों का सफर प्रभावित हुआ है।
पुल क्यों गिरा और अब क्या है स्थिति
शुरुआती जांच में पता चला है कि पुल में ‘एलीगेटर क्रैकिंग’ यानी मगरमच्छ की खाल जैसी दरारें आ गई थीं। साथ ही समय पर बॉल-बियरिंग न बदलना भी हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुल के 13 से ज्यादा पिलरों में दरारें देखी गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण के बाद अधिकारियों को तीन महीने के भीतर मरम्मत का काम पूरा करने और पूरे पुल के जीर्णोद्धार का आदेश दिया है।
मरम्मत का खर्च और समय सीमा
पुल की हालत गंभीर होने के कारण पुराना 26 करोड़ रुपये का मरम्मत बजट रद्द कर दिया गया है। अब इसके लिए 75 से 80 करोड़ रुपये का नया अनुमान तैयार किया जा रहा है। मरम्मत के काम में IIT पटना का सहयोग लिया जाएगा और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम ने भी निरीक्षण किया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह के अनुसार, इस तकनीकी काम में कम से कम तीन महीने का समय लगेगा।
आम जनता के लिए वैकल्पिक रास्ते
जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों सिरों पर बैरिकेड लगा दिए हैं। यात्रियों को अब मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के नए पुल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही स्टीमर सेवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। राहत की बात यह है कि एक समानांतर चार लेन वाला नया पुल बन रहा है, जिसके दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। लापरवाही के आरोप में पथ निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत में कितना समय और पैसा लगेगा?
पुल की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लगेगा और इसके लिए 75 से 80 करोड़ रुपये का नया बजट तैयार किया जा रहा है।
पुल बंद होने के बाद लोग कैसे सफर कर सकते हैं?
यात्री मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के नए पुल का उपयोग कर सकते हैं, इसके अलावा स्टीमर सेवाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।