Bihar: भागलपुर को सीमांचल से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद होने की वजह से अब राहगीरों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Bihar: भागलपुर को सीमांचल से जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा टूटने से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद होने की वजह से अब राहगीरों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि अब लोगों को गंगा पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है, यहाँ तक कि एक नई दुल्हन की विदाई भी नाव के जरिए हुई।
पुल कैसे टूटा और अब क्या है स्थिति
विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास का एक स्लैब 4 मई 2026 की रात करीब 12:45 बजे गंगा नदी में गिर गया। जिला प्रशासन ने तुरंत पुल के दोनों तरफ बैरिकेड्स लगा दिए हैं ताकि कोई वाहन वहां न जाए। DM Naval Kishore Chaudhary ने बताया कि फिलहाल सभी वाहनों का रास्ता बंद है और लोगों को मुंगेर के रास्ते जाने की सलाह दी गई है। पुलिस की सतर्कता की वजह से समय रहते गाड़ियों को हटा लिया गया और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
आम जनता पर असर और प्रशासन के इंतजाम
इस पुल से रोजाना करीब 50,000 छोटे-बड़े वाहन गुजरते थे, जो अब बंद हैं। नाव अब सफर का मुख्य जरिया बन गई है। हाल ही में नवगछिया के उत्तम कुमार की दुल्हन को नाव से विदा किया गया, जिसने पहली बार इस सफर का अनुभव लिया। प्रशासन ने नाव सेवाओं को सुबह 5 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलाने की अनुमति दी है। साथ ही फंसे हुए यात्रियों के लिए खाने-पीने और ठहरने की व्यवस्था करने का दावा किया गया है।
मरम्मत और भविष्य की योजना क्या है
सरकार ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए लापरवाही बरतने वाले एक Executive Engineer को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने पुल की मरम्मत के लिए भारतीय सेना की मदद मांगी है। IIT Patna इस समय पुल का सेफ्टी ऑडिट कर रहा है और BRO एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाने में मदद कर सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, टूटे हुए हिस्से की मरम्मत में करीब तीन महीने का समय लगेगा, जबकि एक नया फोर-लेन पुल 2026 के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु के बंद होने पर वैकल्पिक रास्ता क्या है?
जिला प्रशासन ने बताया है कि पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद है, इसलिए यात्रियों को मुंगेर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा।
पुल की मरम्मत में कितना समय लगेगा?
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, टूटे हुए स्लैब की मरम्मत का काम पूरा होने में लगभग तीन महीने का समय लगेगा।