Bihar, Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। सेतु के पिलर संख्या 7 और 8 के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज बनाने का का
Bihar, Bhagalpur: विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब भागलपुर और नवगछिया के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। सेतु के पिलर संख्या 7 और 8 के बीच क्षतिग्रस्त हिस्से पर बेली ब्रिज बनाने का काम अगले एक-दो दिनों में शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए ओडिशा के राउरकेला से जरूरी स्टील स्ट्रक्चर और अन्य सामान भागलपुर पहुंच चुका है। सीमा सड़क संगठन (BRO) के करीब 100 विशेषज्ञों की टीम युद्धस्तर पर इस काम को पूरा करेगी ताकि आम जनजीवन और व्यापार को फिर से पटरी पर लाया जा सके।
बेली ब्रिज से किन वाहनों को मिलेगी अनुमति और कब तक होगा तैयार?
बीआरओ को इस 50 मीटर लंबे बेली ब्रिज को तैयार करने के लिए 15 दिनों का लक्ष्य दिया गया है। इस अस्थाई पुल के बनने से भागलपुर का संपर्क उत्तर बिहार से फिर से जुड़ जाएगा।
- वाहन क्षमता: बेली ब्रिज की भार क्षमता 10 टन तक होगी।
- अनुमति वाले वाहन: इस पुल से केवल मोटरसाइकिल, कार, ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा जैसे हल्के वाहन ही गुजर सकेंगे।
- पैदल यात्री: पैदल चलने वालों के लिए अलग से सुरक्षित रास्ते का इंतजाम किया जाएगा।
- भारी वाहन: ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों के लिए फिलहाल वैकल्पिक मार्ग ही इस्तेमाल करने होंगे।
सेतु की सुरक्षा और मरम्मत के लिए क्या है प्रशासन की तैयारी?
विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर आईआईटी पटना की टीम ने सेफ्टी ऑडिट का काम शुरू कर दिया है। एक्सपर्ट्स की टीम ने एक्सपेंशन गैप में ज्यादा चौड़ाई पाई है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन सप्ताह में आएगी। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया है कि मरम्मत कार्य में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेली ब्रिज के साथ-साथ अगले दो महीनों के भीतर एक ट्रस ब्रिज बनाने की भी योजना है, जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। वर्तमान में भारी वाहनों को मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु या खगड़िया के रास्ते भेजा जा रहा है, जबकि आम लोगों के लिए स्टीमर सेवा भी चालू रखी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज कब तक बनकर तैयार होगा?
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 15 दिनों के भीतर 50 मीटर लंबे बेली ब्रिज को बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके बाद हल्के वाहन चल सकेंगे।
क्या बस और ट्रक जैसे भारी वाहन इस नए बेली ब्रिज से जा पाएंगे?
नहीं, बेली ब्रिज की क्षमता केवल 10 टन है, इसलिए इस पर केवल कार, ऑटो और मोटरसाइकिल जैसे हल्के वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी।
पुल की मरम्मत का काम कौन सी एजेंसी कर रही है?
अस्थाई बेली ब्रिज का निर्माण BRO कर रहा है, जबकि मुख्य सेतु की मरम्मत बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की देखरेख में आईआईटी रुड़की और गुवाहाटी के विशेषज्ञों की निगरानी में हो रही है।