Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के टूटे हुए हिस्से को जोड़ने के लिए अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है। Border Roads Organization (BRO) की देखरेख में हो रहे इस काम का मकसद जून के पहले सप्त
Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के टूटे हुए हिस्से को जोड़ने के लिए अस्थायी बेली ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है। Border Roads Organization (BRO) की देखरेख में हो रहे इस काम का मकसद जून के पहले सप्ताह तक छोटे वाहनों के लिए रास्ता खोलना है। फिलहाल एक स्लैब का काम पूरा हो चुका है और दूसरे स्लैब पर काम शुरू कर दिया गया है।
बेली ब्रिज का काम कहां तक पहुंचा और कब खुलेगा रास्ता
विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा 3 और 4 मई की रात को गिर गया था, जिससे आवाजाही पूरी तरह रुक गई थी। BRO ने 16 मई से बेली ब्रिज का काम शुरू किया और अब तक 170 फीट लंबा एक ब्रिज लॉन्च कर दिया गया है। भागलपुर के DM नवल किशोर चौधरी के अनुसार, प्रशासन दिन-रात काम की निगरानी कर रहा है। उम्मीद है कि 5 जून तक छोटे वाहनों के लिए पुल चालू हो जाएगा।
किन वाहनों को मिलेगी अनुमति और क्या हैं नियम
पुल खुलने के बाद शुरुआत में केवल हल्के और छोटे वाहनों जैसे बाइक, ऑटो, कार और छोटे कमर्शियल वाहनों को ही आने-जाने दिया जाएगा। यह बेली ब्रिज 10 टन तक के वजन सहने के लिए बनाया गया है, इसलिए भारी वाहनों पर पाबंदी रहेगी। भारी वाहनों के लिए कार्गो जहाजों का विकल्प जारी रहेगा। ट्रैफिक को संभालने के लिए एकतरफा यातायात योजना बनाई जा रही है।
इस निर्माण की खासियत और तकनीकी जांच
यह देश का अपनी तरह का पहला बेली ब्रिज है जिसे एक क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर बनाया जा रहा है। इसकी मजबूती जांचने के लिए IIT Patna के विशेषज्ञों की टीम संरचनात्मक जांच कर रही है। यातायात शुरू करने से पहले लोड टेस्टिंग और सुरक्षा जांच की जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय ने BRO को सौंपी है और भविष्य में पुल के रखरखाव का काम बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड देखेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज कब तक चालू होगा?
प्रशासन का लक्ष्य है कि जून के पहले सप्ताह तक निर्माण पूरा हो जाए और संभवतः 5 जून तक छोटे वाहनों का परिचालन शुरू हो जाए।
क्या भारी वाहन बेली ब्रिज से गुजर सकेंगे?
नहीं, यह ब्रिज केवल 10 टन तक के छोटे और हल्के वाहनों के लिए डिजाइन किया गया है। भारी वाहनों के लिए कार्गो जहाजों का इस्तेमाल करना होगा।