Bihar: भागलपुर जिले को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है. जिला प्रशासन ने योजना बनाई है कि जिले के प्रत्येक प्रखंड से एक प्रमुख स्थल को चुनकर उसे आधुनिक सुविधाओं के साथ संवारा जाएगा. जिलाधि
Bihar: भागलपुर जिले को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है. जिला प्रशासन ने योजना बनाई है कि जिले के प्रत्येक प्रखंड से एक प्रमुख स्थल को चुनकर उसे आधुनिक सुविधाओं के साथ संवारा जाएगा. जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस संबंध में सभी बीडीओ को निर्देश जारी कर दिए हैं. इस पहल से जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की पहचान बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
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जिला प्रशासन की इस योजना में क्या है खास?
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र में एक प्रसिद्ध स्थल का चयन करने को कहा है. इन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया गया है. इसके अलावा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) भागलपुर सहित सात जिलों के लिए एक विशेष डेवलपमेंट प्लान तैयार कर रहा है. इस योजना के तहत प्रमुख स्थलों का भौतिक मूल्यांकन किया जाएगा और जल्द ही एक कंसल्टेंट एजेंसी के जरिए विकास की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी.
इन प्रमुख स्थलों का होगा कायाकल्प
प्रशासन ने जिले के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है जिन्हें पर्यटन के लिहाज से बेहतर बनाया जाएगा. इसमें धार्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह के स्थल शामिल हैं:
- जगतपुर वेटलैंड: नौगछिया अनुमंडल में स्थित इस झील को पक्षी प्रेमियों के लिए विकसित किया जा रहा है, जहां बर्डवॉचिंग टावर और इको-फ्रेंडली लॉज बनाए जाएंगे.
- अजगैबीनाथ धाम: सुल्तानगंज में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्लास ब्रिज बनाने की घोषणा की गई है.
- ऐतिहासिक विरासत: विक्रमशिला विश्वविद्यालय, बटेश्वरस्थान और शाहकुंड पहाड़ जैसे स्थलों पर पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी.
- सिल्क सिटी की पहचान: भागलपुर के मशहूर रेशम उद्योग और हस्तशिल्प को भी पर्यटन के साथ जोड़ा जाएगा.
पर्यटन विकास से आम जनता को क्या लाभ होगा?
इस पूरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य भागलपुर को एक प्रमुख ट्रैवल हब बनाना है. जब हर प्रखंड में एक प्रमुख स्थल विकसित होगा, तो वहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी जिससे स्थानीय दुकानदारों, होटल संचालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी. प्रशासन का फोकस गंगा नदी के किनारे के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों को दुनिया के सामने लाने पर है. इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि भागलपुर की एक नई पहचान बनेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी.