Bhagalpur: TMBU के अतिथि शिक्षकों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी, 18 दिनों से धरने पर बैठे हैं शिक्षक

Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) में नियुक्त अतिथि शिक्षकों का विवाद गहराता जा रहा है। अपनी सेवा समाप्त होने से नाराज शिक्षक पिछले 18 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अब उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी

Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) में नियुक्त अतिथि शिक्षकों का विवाद गहराता जा रहा है। अपनी सेवा समाप्त होने से नाराज शिक्षक पिछले 18 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अब उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे अगले हफ्ते से आमरण अनशन शुरू कर देंगे।

यह पूरा मामला 2025 में हुई नियुक्तियों से जुड़ा है। राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने जून 2026 में एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्तियों में भारी अनियमितता पाई गई थी, जिसके बाद उनकी सेवाएं रद्द कर दी गईं। इन हटाए गए शिक्षकों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके साथ भेदभाव कर रहा है। उनका कहना है कि 2018 बैच के 76 अतिथि शिक्षकों की सेवा को 11 महीने के लिए बढ़ा दिया गया, जबकि उन्हें निकाल दिया गया।

विरोध प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर कुलसचिव डॉ. रमाशिश पूरवे से मुलाकात की। कुलसचिव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि समस्या सुलझाने की कोशिश जारी है, लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि कुलपति की शक्तियां सीमित कर दी गई हैं, जिससे आदेश जारी करने में दिक्कत आ रही है। इससे पहले शिक्षकों ने बर्तन बजाकर और प्रशासनिक भवन का मुख्य गेट लॉक करके अपना विरोध जताया था।

टीएमबीयू गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आनंद आजाद और अन्य शिक्षकों ने मांग की है कि उनकी बहाली के लिए निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हो और उनका बकाया मानदेय दिया जाए। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से बिना वेतन के काम कर रहे थे और अब उनकी नौकरी भी चली गई है। अब सबकी नजरें यूनिवर्सिटी प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे शिक्षकों की मांगें मानते हैं या मामला आमरण अनशन तक पहुंचता है।