Bihar : भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर केंद्रीय टीम पिछले पांच दिनों से दौरा कर रही है। 26 मई को टीम शहर के दक्षिणी हिस्सों और मुख्य इलाकों में पहुंची। टीम ने वार्डों का निरीक्षण किया और यह दे
Bihar : भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर केंद्रीय टीम पिछले पांच दिनों से दौरा कर रही है। 26 मई को टीम शहर के दक्षिणी हिस्सों और मुख्य इलाकों में पहुंची। टीम ने वार्डों का निरीक्षण किया और यह देखा कि सोमवार रात हुई आंधी-बारिश के बाद शहर की स्थिति कैसी है और कचरा उठाने में कितनी देरी हुई।
केंद्रीय टीम ने किन इलाकों का किया दौरा
केंद्रीय टीम ने तिलकामांझी के पास स्थित वार्ड संख्या 32 और 33 के साथ-साथ नाथ नगर के वार्ड 4 और 7 का जायजा लिया। इसके अलावा मध्य शहर के वार्ड संख्या 20 का भी सर्वेक्षण किया गया। टीम ने करीब 11 वार्डों में घूमकर आम लोगों से बात की और गीले व सूखे कचरे के अलग-अलग उठाव को लेकर फीडबैक लिया। स्कूलों और धार्मिक स्थलों पर भी सफाई के मानकों की जांच की गई।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के नियम और अंक
इस साल का सर्वेक्षण कुल 12,500 अंकों का होगा। इसमें भौतिक सत्यापन के लिए 10,500 अंक और दर्शनीय स्वच्छता के लिए 1,500 अंक रखे गए हैं। इस बार आम जनता की राय का महत्व बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया गया है। सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। शहर के 30 स्कूलों में से अब तक 15 स्कूलों का निरीक्षण पूरा हो चुका है।
सफाई में लापरवाही पर अधिकारियों की चेतावनी
वार्ड पार्षदों ने सफाई व्यवस्था में कमियों की शिकायत की है। इस पर लोक स्वच्छता पदाधिकारी Shashi Bhushan Singh ने सख्त लहजे में कहा कि सफाई में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी वार्ड में सफाई ठीक नहीं मिली, तो जोनल और वार्ड प्रभारी समेत सफाई एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने एजेंसियों को तय समय पर कचरा उठाने का निर्देश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में कितने अंकों का प्रावधान है
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 कुल 12,500 अंकों का होगा। इसमें भौतिक सत्यापन के लिए 10,500 अंक और दर्शनीय स्वच्छता के लिए 1,500 अंक निर्धारित किए गए हैं।
भागलपुर नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर क्या निर्देश दिए गए हैं
लोक स्वच्छता पदाधिकारी ने सफाई एजेंसियों को निर्धारित पालियों में प्रतिदिन कचरा उठाने का निर्देश दिया है और लापरवाही बरतने वाले प्रभारियों व एजेंसियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।