Bhagalpur में तीन स्टेट हाईवे बनेंगे फोरलेन, 10 हजार से ज्यादा पेड़ कटेंगे
Bhagalpur: जिले से गुजरने वाले तीन स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की तैयारी चल रही है। इस सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की वजह से इलाके के 10 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई होगी। प्रशासन और वन विभाग अब इस बात पर काम कर रहे हैं कि
Bhagalpur: जिले से गुजरने वाले तीन स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की तैयारी चल रही है। इस सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट की वजह से इलाके के 10 हजार से ज्यादा पेड़ों की कटाई होगी। प्रशासन और वन विभाग अब इस बात पर काम कर रहे हैं कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण को कैसे बचाया जाए।
सड़कों को चौड़ा करने के लिए पेड़ों की कटाई जरूरी हो गई है। इससे पहले NH-80 के जीरोमाइल से मिरजाचौकी वाले हिस्से में जांच के दौरान 6,563 पेड़ मिले थे, जिनमें से 2,891 पेड़ों को दूसरी जगह शिफ्ट यानी ट्रांसलोकेट किया जा सकता है। बिहार सरकार के नियमों के मुताबिक, एक पेड़ काटने के बदले तीन नए पौधे लगाना अनिवार्य है। इसके लिए प्रोजेक्ट कंपनियों को वन विभाग के पास पैसा जमा करना होता है, जिससे पौधों की देखभाल, खाद और पानी का इंतजाम किया जाता है।
केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने भी साफ किया है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, पेड़ों को नहीं काटा जाएगा। कोशिश यही रहती है कि सड़क के डिजाइन में बदलाव किया जाए या पेड़ों को ट्रांसप्लांट किया जाए। जंगलों के इलाकों में सड़क बनाने के लिए फॉरेस्ट एक्ट 1980 का पालन करना होता है और अनिवार्य रूप से नए जंगल लगाने पड़ते हैं।
पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए Bhagalpur जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण की योजना है। ‘पौधरोपण अभियान 2025’ के तहत जिले में 1.30 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे बिहार में जून 2025 तक 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसके लिए जिलाधिकारियों को विस्तृत प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर अन्य प्रोजेक्ट्स भी तेजी से चल रहे हैं। मुंगेर-मिरजाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे का काम करीब 70% पूरा हो चुका है और इसे अगस्त 2026 तक जनता के लिए खोला जा सकता है। इसके अलावा मुंगेर-भागलपुर-तिरुपति-कहलगांव के बीच 120 किलोमीटर लंबी कंक्रीट रोड के लिए 971 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है।