Bhagalpur में श्रावणी मेले से पहले उमड़ी भीड़, सुल्तानगंज में तैयारियों को लेकर उठे सवाल
Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का आधिकारिक आगाज 30 जुलाई 2026 को होना है, लेकिन सुल्तानगंज में अभी से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी है। नेपाल और पश्चिम बंगाल में 17 जुलाई से सावन शुरू होने की वजह से 18 जु
Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का आधिकारिक आगाज 30 जुलाई 2026 को होना है, लेकिन सुल्तानगंज में अभी से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी है। नेपाल और पश्चिम बंगाल में 17 जुलाई से सावन शुरू होने की वजह से 18 जुलाई से ही हजारों कांवड़िए सुल्तानगंज के उत्तरवाहिनी गंगा तट और बाबा अजगैविनाथ धाम पहुंचने लगे हैं।
प्रशासन इस बार मेले को हाईटेक बनाने की तैयारी में है। जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने नमामि गंगे घाट, सीढ़ी घाट और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया है। सभी विभागों को 24 जुलाई तक सारी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा के लिए 27 जुलाई तक 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी सुल्तानगंज पहुंच जाएंगे और निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार ई-श्रावणी ऐप लाया जा रहा है, जिसमें रूट मैप, मेडिकल सेंटर और विश्राम स्थलों की जानकारी होगी। साथ ही ड्रोन शो, आधुनिक अर्घा सिस्टम और जीविका दीदियों द्वारा संचालित रसोई जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कांवड़िया पथ पर फ्री एम्बुलेंस और स्वास्थ्य शिविरों की व्यवस्था की समीक्षा की है। देवघर में कूपनधारकों के लिए 30 जुलाई से अलग रूट लागू होगा, जिसका ट्रायल 20 जुलाई से शुरू हो जाएगा।
इन तमाम दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ अलग दिख रही है। श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद कई जगह व्यवस्थाएं अधूरी नजर आ रही हैं। कांवड़िया पथ अभी भी जर्जर है और पार्किंग एरिया में शौचालय, पानी और रोशनी जैसी बुनियादी चीजों की कमी है। सीढ़ी घाट पर कीचड़ जमा है और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम नहीं बने हैं। मंदिर परिसर में पीने के पानी की किल्लत भी बड़ी समस्या बनी हुई है।
| सुविधा/तैयारी | वर्तमान स्थिति/योजना |
|---|---|
| सुरक्षा बल | 27 जुलाई तक 3000+ पुलिसकर्मी तैनात होंगे |
| डिजिटल सुविधा | ई-श्रावणी ऐप और ड्रोन निगरानी |
| स्वास्थ्य सेवा | फ्री एम्बुलेंस और हेल्पलाइन नंबर |
| कांवड़िया पथ | जर्जर स्थिति, बालू बिछाने का काम बारिश से प्रभावित |
| घाट की स्थिति | सीढ़ी घाट पर गाद और कीचड़ की समस्या |
| बुनियादी जरूरतें | पार्किंग में शौचालय और रोशनी का अभाव |
बांका जिला प्रशासन ने भी कटोरिया प्रखंड के कच्चे पथ का निरीक्षण किया है और 22 जुलाई तक काम पूरा करने को कहा है। वहीं, कृष्णानंद स्टेडियम के पास स्थित एक पुरानी जर्जर जलमीनार को विशेषज्ञों की देखरेख में हटाया जाएगा ताकि कोई दुर्घटना न हो।