Bhagalpur में श्रावणी मेला शुरू, ट्रैफिक नियमों में बदलाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम; DM और SSP ने किया निरीक्षण

Bhagalpur: सुल्तानगंज में 30 जुलाई 2026 से श्रावणी मेला आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। यह मेला 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधर

Bhagalpur: सुल्तानगंज में 30 जुलाई 2026 से श्रावणी मेला आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। यह मेला 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नमामि गंगे घाट पर मेले का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक खास मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है।

तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 30 जुलाई को जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट और कांवरियों के ठहरने वाले स्थलों का दौरा किया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भागलपुर में 6 DSP, 60 पुलिस अधिकारी और 1500 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। वहीं बांका जिले में भी 1800 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

मेले के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है ताकि आम लोगों और कांवरियों को जाम से राहत मिले। SSP प्रमोद कुमार ने बताया कि ट्रैफिक प्लान को जरूरत के हिसाब से बदला भी जा सकता है। घाटों की ओर जाने वाले रास्तों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं और घाटों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

ट्रैफिक के नए नियमों की जानकारी नीचे दी गई है:

रूट/वाहन नया नियम
मुंगेर से आने वाले भारी वाहन बरारीपुर के रास्ते नए फोर लेन रोड से जाएंगे
मुंगेर से आने वाले छोटे वाहन कृष्णनगर चौक तक आएंगे, फिर रेलवे ओवरब्रिज से गुजरेंगे
कृष्णनगर चौक से बाजार चौक सभी छोटे वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद
सुरक्षा निगरानी कांवरिया पथ, गंगा घाट और संवेदनशील इलाकों में कड़ी नजर

प्रशासन ने आम जनता और ड्राइवरों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट प्लान का ही पालन करें। रेलवे स्टेशनों पर भी पूर्वी रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। आपदा प्रबंधन के लिए SDRF, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी तैनात रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।