Bhagalpur में श्रावणी मेला शुरू, सुल्तानगंज में ट्रैफिक रूट बदला और नए नियम लागू, जान लीजिए पूरी गाइडलाइन

Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू हो गया है, जो 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। म

Bhagalpur: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू हो गया है, जो 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 29 जुलाई को नमानी गंगे घाट पर मेले का उद्घाटन किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘श्रावणी मेला ऐप’ लॉन्च किया है।

भागलपुर पुलिस ने कांवरियों की सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रैफिक रूट में बड़े बदलाव किए हैं। 30 जुलाई से अजगैविनाथ धाम के रेड जोन में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है, यहाँ सिर्फ पैदल यात्री जा सकेंगे। मुंगेर और भागलपुर से आने वाले भारी वाहनों को फोरलेन सड़क की तरफ मोड़ा गया है। छोटे वाहन केवल कृष्णनगर चौक तक जा सकेंगे, उसके आगे तिलकपुर तक के पैदल मार्ग पर पाबंदी रहेगी।

व्यावसायिक वाहनों के लिए शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पूरी तरह रोक रहेगी। अन्य दिनों में जरूरी सामान ले जाने वाले वाहन केवल रात 11 बजे से सुबह 2 बजे के बीच स्पेशल पास के साथ ही चल सकेंगे। एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि भीड़ के हिसाब से ट्रैफिक नियमों में बदलाव किया जा सकता है। भीड़ नियंत्रण के लिए मुख्य चौराहों पर ड्रॉप गेट लगाए गए हैं ताकि अनधिकृत गाड़ियां अंदर न जा सकें।

सुविधा/व्यवस्था विवरण
सुरक्षा AI आधारित CCTV और ड्रोन से निगरानी
स्वास्थ्य 40 मेडिकल कैंप, 129 डॉक्टर और 16 एम्बुलेंस
रुकने की व्यवस्था 2,650 बेड वाले टेंट सिटी, जर्मन हैंगर और स्विस कॉटेज
भोजन दीदी की रसोई और जीविका दीदी कम्युनिटी किचन
परिवहन सुल्तानगंज और भागलपुर के लिए विशेष सरकारी बसें
नया निर्माण सुल्तानगंज स्टेशन पर 12 मीटर चौड़ा नया ओवरब्रिज

नगर निगम ने रास्तों को साफ करने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार नमानी गंगे घाट पर 30 दिनों तक लेजर और ड्रोन शो के साथ बिहार की लोक संस्कृति के कार्यक्रम होंगे। बाबा अजगैविनाथ मंदिर में जल अर्पण के लिए मॉडर्न अरघा सिस्टम लगाया गया है। बिहार और झारखंड के अधिकारी बेहतर तालमेल के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 24 घंटे संपर्क में रहेंगे।