Bhagalpur में श्रावणी मेला 2026 की तैयारी तेज, कांवड़ियों के लिए हाई-टेक सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Bhagalpur: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यह मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। देश और विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित

Bhagalpur: विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। यह मेला 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। देश और विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, साफ और आसान बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) पेयजल और स्वच्छता के खास इंतजाम कर रहा है। कांवड़िया पथ पर आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया गया है और उनकी नियमित सफाई के लिए स्टाफ तैनात रहेगा। साथ ही, रास्ते को सुंदर बनाने के लिए डिजिटल LED लाइट्स लगाई जाएंगी, जिनमें डमरू और त्रिशूल की आकृतियां दिखेंगी।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। DM Alankrita Pandey और SSP Pramod Kumar Yadav ने नामी गंगे घाट और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए 15 अस्थायी पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे और कुछ पुलिसकर्मी कांवड़ियों के कपड़ों में तैनात रहेंगे ताकि भीड़ पर नजर रखी जा सके। पूरे इलाके में CCTV कैमरों का जाल बिछाया गया है और खराब कैमरों को तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कांवड़िया पथ पर 13 हाई-टेक हेल्थ कैंप बनाए जाएंगे, जहां 53 डॉक्टर 24 घंटे तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भागलपुर, बांका और मुंगेर में कुल 2650 बिस्तरों वाले टेंट सिटी बनाए जा रहे हैं। इन टेंट सिटी के किचन का संचालन जीविका दीदियां करेंगी।

प्रशासन ने कुछ जरूरी नियम भी लागू किए हैं। कांवड़िया पथ पर किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। होटल और लॉज संचालकों को अपने यहां रुकने वाले सभी मेहमानों की लिस्ट बनानी होगी और उनकी पहचान सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, पार्वती मंदिर जाने वाला क्षतिग्रस्त लोहे का पुल बंद रहेगा और श्रद्धालुओं के लिए वैकल्पिक रास्ता दिया जाएगा।

कांवड़ियों के पैरों को आराम देने के लिए कच्चे रास्तों पर बारीक रेत बिछाई गई है। इसके अलावा वॉटर स्प्रिंकलर, आर्टिफिशियल गुफाएं और विश्राम स्थलों का निर्माण किया गया है। यातायात को सुचारू रखने के लिए स्पेशल ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।