Bhagalpur के सैंडिस कंपाउंड में मिले हजारों साल पुराने जीवाश्म, अब लखनऊ के वैज्ञानिक करेंगे जांच
Bhagalpur: शहर के सैंडिस कंपाउंड में कुछ ऐसी पत्थर जैसी संरचनाएं मिली हैं जो असल में हजारों साल पुराने पेड़ों के जीवाश्म (fossils) निकले हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इन पत्थरों का इस्तेमाल बैठने के लिए कर रहे थे, लेकिन अ
Bhagalpur: शहर के सैंडिस कंपाउंड में कुछ ऐसी पत्थर जैसी संरचनाएं मिली हैं जो असल में हजारों साल पुराने पेड़ों के जीवाश्म (fossils) निकले हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इन पत्थरों का इस्तेमाल बैठने के लिए कर रहे थे, लेकिन अब इनकी असलियत सामने आई है। जिला प्रशासन ने इन्हें सुरक्षित कर लिया है और अब इनकी विस्तृत जांच के लिए लखनऊ के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
इस खोज की शुरुआत तब हुई जब जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी Ankit Ranjan अपनी मॉर्निंग वॉक के दौरान वहां पहुंचे। उन्होंने इन संरचनाओं को देखा और उन्हें साधारण पत्थर नहीं माना, जिसके बाद उन्होंने इनके संरक्षण की प्रक्रिया शुरू की। जिला मजिस्ट्रेट Alankrita Pandey ने इन जीवाश्मों को सुरक्षित रखने की मंजूरी दी, जिसके बाद इन्हें Bhagalpur Museum में शिफ्ट कर दिया गया है।
पटना यूनिवर्सिटी के भूविज्ञान विभाग के हेड और जीवाश्म विशेषज्ञ Dr. Atul Aditya Pandey ने तस्वीरों के जरिए शुरुआती जांच की और पुष्टि की कि ये वास्तव में प्राचीन पेड़ों के जीवाश्म हैं। इस खोज के महत्व को देखते हुए बिहार के संग्रहालय और पुरातत्व निदेशालय के डायरेक्टर Krishna Kumar ने भी इसे स्वीकार किया है।
अब इन जीवाश्मों की सटीक उम्र, पेड़ों की प्रजाति और उस दौर के पर्यावरण की जानकारी जुटाने के लिए Bhagalpur जिला प्रशासन ने लखनऊ के Birbal Sahni Institute of Palaeosciences (BSIP) से संपर्क किया है। BSIP एक सरकारी संस्थान है जो इस तरह की वैज्ञानिक जांच में माहिर है। लखनऊ के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट आने के बाद Bhagalpur Museum में इनके बारे में पूरी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे शहर के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास के बारे में नई बातें पता चल सकेंगी।