Bhagalpur में गंगा का कहर, राघोपुर तटबंध का हिस्सा टूटा; मंत्री ने अधिकारियों को दी निलंबन की चेतावनी
Bihar/Bhagalpur: भागलपुर के राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर गंगा नदी का कटाव एक बार फिर तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव की वजह से तटबंध का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों और लोगों में डर का माहौल ह
Bihar/Bhagalpur: भागलपुर के राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर गंगा नदी का कटाव एक बार फिर तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव की वजह से तटबंध का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों और लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन इस खतरे को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
घटना की शुरुआत 26 जुलाई 2026 को हुई जब गंगा के तेज बहाव के कारण तटबंध का करीब 150 से 200 मीटर हिस्सा टूट गया। इस कटाव की वजह से ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का पैतृक घर भी खतरे की जद में आ गया था। हालांकि, 27 जुलाई से जल संसाधन विभाग ने बचाव कार्य शुरू किया और 31 जुलाई तक विभाग ने दावा किया कि कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है। इसके लिए 110 मीटर के क्षेत्र में बालू के बोरे और जियोबैग का इस्तेमाल किया गया था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 1 अगस्त 2026 को बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि गंगा की धारा तटबंध की ओर मुड़ गई है, जिससे खतरा बढ़ गया है। मंत्री ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि अगले दो दिनों के भीतर जमीन पर काम का नतीजा दिखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर काम संतोषजनक नहीं रहा तो निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी समस्या के लिए सीधे संपर्क करने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी दिया है।
मौके पर जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार, मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान और फ्लड फाइटिंग अध्यक्ष अख्तर जमील समेत कई अधिकारी कैंप कर रहे हैं। इनके साथ ही एडीएम कुंदन कुमार और नवगछिया के एसडीओ और एसडीपीओ भी तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि कटाव को भरने के लिए जियो बैग और बोल्डर का इस्तेमाल किया जा रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। इससे पहले स्थानीय ग्रामीणों ने काम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए विभाग के कार्यालय में विरोध प्रदर्शन भी किया था।