Bihar: भागलपुर नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान लेकर आया है। लक्ष्य यह है कि भागलपुर को देश के टॉप 10 सबसे स्वच्छ शहरों की लिस्ट में शामिल किया जाए। इसके लिए निगम अब देश की बड़ी
Bihar: भागलपुर नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान लेकर आया है। लक्ष्य यह है कि भागलपुर को देश के टॉप 10 सबसे स्वच्छ शहरों की लिस्ट में शामिल किया जाए। इसके लिए निगम अब देश की बड़ी और अनुभवी सफाई एजेंसियों को आमंत्रित करने जा रहा है ताकि शहर की रैंकिंग में बड़ा सुधार हो सके।
नई सफाई एजेंसी और बजट का क्या है प्लान
नगर निगम इस हफ्ते एक नई सफाई एजेंसी के चयन के लिए निविदा (टेंडर) जारी करने वाला है। इस पूरी योजना पर अगले चार सालों में करीब 208 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जवाबदेही तय करने के लिए पूरे शहर की सफाई का जिम्मा एक ही बड़ी एजेंसी को दिया जाएगा। चयनित एजेंसी को 17 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक गाड़ियां खरीदनी होंगी, जिनमें 85 ऑटो टिपर, 228 हाथ ठेला, 73 ई-रिक्शा और चार कॉम्पैक्टर शामिल हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण में भागलपुर की अब तक की स्थिति
भागलपुर ने पिछले कुछ समय में सफाई के मामले में अच्छी तरक्की की है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में शहर ने राष्ट्रीय रैंकिंग में 64वां और बिहार में तीसरा स्थान हासिल किया है। इससे पहले 2023-24 में यह रैंकिंग 403वीं थी। वहीं ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में भागलपुर को पूर्वी भारत के 115 जिलों में पहला स्थान मिला है। नगर आयुक्त Kislay Kushwaha और लोक स्वच्छता पदाधिकारी शशि भूषण सिंह इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
जन आंदोलन और सरकारी सख्ती का असर
शहर की सफाई को लेकर स्थानीय लोगों में काफी जागरूकता दिखी है। 12 मई 2026 को आलोक यादव की भूख हड़ताल और RSS द्वारा आयोजित स्वच्छता अभियानों ने प्रशासन पर दबाव बनाया। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में सफाई का कड़ा निरीक्षण किया जा रहा है। लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापकों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है ताकि जमीनी स्तर पर बदलाव दिख सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर नगर निगम सफाई के लिए कितना बजट खर्च करेगा?
नगर निगम अगले चार वर्षों में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए लगभग 208 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रहा है।
नई सफाई एजेंसी को कौन से वाहन खरीदने होंगे?
चयनित एजेंसी को 17 करोड़ रुपये से 85 ऑटो टिपर, 228 हाथ ठेला, 73 ई-रिक्शा और चार कॉम्पैक्टर खरीदने होंगे।