Bhagalpur के सभी 17 प्रखंडों को मिले ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल, CM सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ
Bhagalpur: बिहार के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 18 जुलाई 2026 को बेगूसराय से वर्चुअल माध्यम से पूरे राज्य के 38 जिलों में 551 ‘सरस्वत
Bhagalpur: बिहार के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार, 18 जुलाई 2026 को बेगूसराय से वर्चुअल माध्यम से पूरे राज्य के 38 जिलों में 551 ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इस पहल के तहत भागलपुर जिले के सभी 17 प्रखंडों को आधुनिक मॉडल स्कूल मिले हैं, जिससे अब ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को इतना बढ़ाना है कि ये निजी स्कूलों को टक्कर दे सकें। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, आधुनिक लाइब्रेरी और विज्ञान लैब जैसी सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही यहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की शुरुआती तैयारी भी कराई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी वही आधुनिक सुविधाएं मिलें जो महंगे प्राइवेट स्कूलों में मिलती हैं।
भागलपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि जिले के सभी 17 प्रखंडों में इन स्कूलों की शुरुआत हो गई है। पहले प्रत्येक प्रखंड में एक स्कूल और जिला स्कूल को मिलाकर कुल 17 मॉडल स्कूल थे। अब योजना यह है कि शहरी क्षेत्र के चार और प्रमुख सरकारी स्कूलों को इसमें जोड़कर इनकी संख्या 21 तक पहुंचाई जाए। इस पूरे प्रोजेक्ट को ‘सात निश्चय – 3 (2025-30)’ कार्यक्रम के तहत लागू किया गया है, जिसका विजन ‘उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य’ है।
इन सभी मॉडल स्कूलों की एक खास बात यह है कि पूरे बिहार में इनके भवनों का डिजाइन और रंग एक जैसा रखा गया है ताकि इनकी एक अलग पहचान बन सके। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान भागलपुर के जिला स्कूल सभागार में नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। सरकार का मानना है कि जब मंत्री और बड़े अधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था में असली सुधार आएगा। अब इन स्कूलों में नियमित पढ़ाई शुरू हो जाएगी और बच्चों को आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा।