Bhagalpur में गांधी जी के आगमन के 100 वर्ष पूरे, शताब्दी समारोह में उमड़ी भीड़

Bhagalpur: अंग प्रदेश भागलपुर में महात्मा गांधी के आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर एक भव्य राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया। गांधीवादी विचारों से जुड़े लोगों और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर 7 अगस्त से 9 अगस्त, 2026 तक तीन द

Bhagalpur: अंग प्रदेश भागलपुर में महात्मा गांधी के आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर एक भव्य राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया। गांधीवादी विचारों से जुड़े लोगों और विभिन्न संस्थाओं ने मिलकर 7 अगस्त से 9 अगस्त, 2026 तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर शहर के ऐतिहासिक स्थलों को सहेजने और बापू के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने पर जोर दिया गया।

महात्मा गांधी 1 अक्टूबर 1925 को अपनी तीसरी भागलपुर यात्रा पर यहाँ पहुंचे थे और 2 अक्टूबर 1925 को उन्होंने इसी शहर में अपना 56वां जन्मदिन मनाया था। इस ऐतिहासिक घटना की याद में गांधी शांति प्रतिष्ठान और स्थानीय नागरिकों की समिति ने इस शताब्दी समारोह की रूपरेखा तैयार की थी। कार्यक्रम के दौरान ‘महात्मा गांधी का आगमन: अंग प्रदेश में’ नाम की एक स्मारिका भी जारी की गई, जिसमें खादी, ग्राम स्वराज और सांप्रदायिक सद्भाव जैसे विषयों पर लेख दिए गए हैं।

समारोह के उद्घाटन सत्र को स्वतंत्रता सेनानी दीप नारायण सिंह को समर्पित किया गया। प्रसिद्ध गांधीवादी चिंतक डॉ. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि गांधी मजबूरी नहीं बल्कि मजबूती का नाम हैं और उनके विचार आज भी उतने ही प्रभावी हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने गांधी जी के भागलपुर के चार ऐतिहासिक दौरों की प्रासंगिकता पर चर्चा की।

स्थानीय लोगों के लिए सबसे खास बात यह रही कि लाजपत पार्क की वह सीढ़ी, जिस पर खड़े होकर गांधी जी ने जनता को संबोधित किया था, वह अब भी चिल्ड्रन पार्क के हिस्से के रूप में सुरक्षित है। समारोह के दौरान यह संकल्प लिया गया कि ऐसे सभी ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण किया जाएगा। इस आयोजन में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और देशभर से आए शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। लोक गायिका चंदन तिवारी ने गांधी जी पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत कर माहौल को यादगार बना दिया।