Bihar: भागलपुर के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। अब इन स्कूलों की लड़कियां कंप्यूटर चलाना सीखेंगी क्योंकि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने यहां ICT लैब तैयार कर दिए हैं। इस पहल
Bihar: भागलपुर के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) की छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। अब इन स्कूलों की लड़कियां कंप्यूटर चलाना सीखेंगी क्योंकि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने यहां ICT लैब तैयार कर दिए हैं। इस पहल का मकसद छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उन्हें तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
कंप्यूटर शिक्षा कैसे दी जाएगी और कौन देगा ट्रेनिंग
इन स्कूलों में कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू करने के लिए एक खास सिस्टम बनाया गया है। टैग किए गए स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षक पहले कस्तूरबा स्कूलों की अंशकालिक शिक्षिकाओं को ट्रेनिंग देंगे। इसके बाद ये शिक्षिकाएं नियमित रूप से छात्राओं को कंप्यूटर पढ़ाएंगी। इससे छात्राओं को बुनियादी तकनीकी ज्ञान मिलेगा और वे डिजिटल दुनिया की जानकारी हासिल कर सकेंगी। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि लड़कियां कितना सीख रही हैं, जिसके लिए हर महीने उनका मूल्यांकन किया जाएगा।
लैब की सुविधा और सरकार की योजना क्या है
ICT लैब की स्थापना के लिए स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को 300 वर्ग फुट का सुरक्षित कमरा देने का निर्देश दिया गया है। इस लैब की आपूर्ति और 5 साल तक के रखरखाव की जिम्मेदारी एजेंसी की होगी। साथ ही, सुरक्षा के लिए नाइट गार्ड और कंप्यूटर शिक्षक की व्यवस्था भी की जाएगी।
- केंद्र सरकार का बजट: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5,904 स्कूलों में ICT लैब के लिए 377.85 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- बिहार का लक्ष्य: राज्य के 627 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना।
- मुख्य उद्देश्य: लड़कियों को सशक्त बनाना और डिजिटल विभाजन को कम करना।