Bihar: भागलपुर की शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला मजिस्ट्रेट (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव अचानक जांच के लिए पहुंच गए। करीब दो घं
Bihar: भागलपुर की शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा में शुक्रवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला मजिस्ट्रेट (DM) डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव अचानक जांच के लिए पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चली इस छापेमारी में जेल के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली गई। यह पूरी कार्रवाई राज्य सरकार के ‘ऑपरेशन क्लीन’ का हिस्सा थी ताकि जेल के अंदर प्रतिबंधित सामानों पर लगाम लगाई जा सके।
छापेमारी में किन जगहों की हुई जांच
अधिकारियों ने जेल परिसर में सुरक्षा का जायजा लेने के लिए गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान निम्नलिखित जगहों और सामानों की जांच की गई:
- जेल के सभी वार्ड और सेल
- रसोईघर, अस्पताल और स्टोर रूम
- शौचालय और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र
- कैदियों के बिस्तर, तकिया और गद्दे
इस अभियान का मुख्य मकसद मोबाइल फोन, चार्जर, नशीले पदार्थ, चाकू और अवैध नकदी जैसे प्रतिबंधित सामानों को ढूंढना था। हालांकि, भागलपुर जेल की तलाशी में कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
सुरक्षा व्यवस्था पर क्या बोले अधिकारी
DM और SSP ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था को संतोषजनक बताया, लेकिन जेल प्रशासन को कुछ कमियों को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई। अधिकारियों ने साफ कह दिया कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जेल मैनुअल का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
क्या है ‘ऑपरेशन क्लीन’ और अन्य जेलों का हाल
यह छापेमारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत की गई थी। बिहार की कई जेलों में एक साथ यह अभियान चला। अन्य जेलों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:
| जेल का नाम |
बरामद सामान |
| सीतामढ़ी जेल |
संदिग्ध कागजात |
| औरंगाबाद मंडल कारा |
पिलास, पेचकस और लोहे के टुकड़े |
| मुजफ्फरपुर और मोतिहारी |
कुछ भी बरामद नहीं हुआ |