Bhagalpur में अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामला, 15 लोगों की मौत के दो दोषियों को 10-10 साल की सजा
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में चार साल पहले हुए एक भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एडीजे-11 ज्योति कु
Bhagalpur: बिहार के भागलपुर में चार साल पहले हुए एक भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एडीजे-11 ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने मामले के दो दोषियों को कड़ी सजा सुनाई है।
अदालत ने मकान मालिक मोहम्मद आजाद और नवीन मंडल को दोषी पाया है। इन दोनों को विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है। साथ ही, गैर इरादतन हत्या के मामले में इन्हें 9 साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। अगर दोषी जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें 3 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
यह दर्दनाक घटना 3 मार्च 2022 की रात को काजवलीचक के तातारपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। धमाका इतना जोरदार था कि तीन मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया और इसकी गूंज 5 से 10 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई और 16 लोग घायल हुए थे। जांच में सामने आया कि बारूद कोलकाता से मंगवाया जाता था और वहां केवल पटाखे ही नहीं, बल्कि घातक देसी बम भी बनाए जा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच ATS को सौंपी गई थी। हादसे के बाद तत्कालीन तातारपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार सुधांशु को निलंबित कर दिया गया था। इस केस में कुल 7 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से 2 की मौत हो गई और 3 लोगों को सबूत न मिलने के कारण बरी कर दिया गया। फैक्ट्री चलाने वाली लीलावती देवी की भी उस धमाके में मौत हो गई थी।