Bihar: भागलपुर और हंसडीहा के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क का इंतजार कर रहे लोगों को एक और झटका लगा है। 925 करोड़ रुपये की इस बड़ी परियोजना में जमीन अधिग्रहण की समस्या सुलझने के बाद अब प्राक्कलन यानी प्रोजेक्ट एस्टीमेट में ब
Bihar: भागलपुर और हंसडीहा के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क का इंतजार कर रहे लोगों को एक और झटका लगा है। 925 करोड़ रुपये की इस बड़ी परियोजना में जमीन अधिग्रहण की समस्या सुलझने के बाद अब प्राक्कलन यानी प्रोजेक्ट एस्टीमेट में बदलाव की वजह से ब्रेक लग गया है। इस वजह से टेंडर की तारीख आगे बढ़ा दी गई है, जिससे निर्माण कार्य शुरू होने में और देरी होगी।
सड़क की चौड़ाई और बजट में क्या बदलाव हुए?
प्रोजेक्ट की लागत कम करने और जमीन अधिग्रहण के झंझटों को घटाने के लिए अब सड़क की चौड़ाई कम की जाएगी। पहले मुख्य सड़क की चौड़ाई 50-55 मीटर रखी गई थी, जिसे अब घटाकर 40-45 मीटर किया जा रहा है। इसी तरह सर्विस लेन की चौड़ाई भी 7 मीटर से घटाकर 5.5 मीटर की जाएगी। इन बदलावों से निर्माण और जमीन मुआवजे में करीब 50-60 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।
टेंडर प्रक्रिया और अब तक की देरी का कारण
इस प्रोजेक्ट के पहले फेज (ढकामोड़ से भलजोर) के लिए टेंडर 28 अप्रैल 2026 को खुलने वाला था, जिसकी अनुमानित लागत 863 करोड़ रुपये है। लेकिन अब इसे एक महीने के लिए टाल दिया गया है। इससे पहले यह प्रोजेक्ट ढाई साल तक जमीन अधिग्रहण की वजह से अटका रहा और टेंडर की तारीख 22 बार बढ़ाई गई, जिसके बाद पिछला टेंडर रद्द करना पड़ा था।
प्रोजेक्ट की खास बातें और सुविधाएं
65 किलोमीटर लंबी इस सड़क को दो चरणों में बनाया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई इंतजाम रहेंगे:
- कुल 45 पुल और पुलिया का निर्माण होगा।
- दो रेल ओवरब्रिज बनाए जाएंगे।
- 12 बस स्टैंड और पब्लिक टॉयलेट की सुविधा होगी।
- सड़क पर 2 मीटर का डिवाइडर, शोल्डर और 1 मीटर का फुटपाथ होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन प्रोजेक्ट में अब देरी क्यों हो रही है?
जमीन अधिग्रहण की समस्या सुलझने के बाद अब प्रोजेक्ट के प्राक्कलन (Estimate) में बदलाव किया जा रहा है, जिसकी वजह से टेंडर प्रक्रिया को एक महीने के लिए टाल दिया गया है।
सड़क की चौड़ाई में कितना बदलाव किया गया है?
लागत और जमीन कम करने के लिए मुख्य सड़क की चौड़ाई 50-55 मीटर से घटाकर 40-45 मीटर और सर्विस लेन को 7 मीटर से घटाकर 5.5 मीटर किया जा रहा है।