Bihar: भागलपुर जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है कि यहां का भूजल फिलहाल सुरक्षित है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में पानी के दोहन का स्तर नियंत्रण में है। प्रशासन अब गर्मियों में पानी की
Bihar: भागलपुर जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है कि यहां का भूजल फिलहाल सुरक्षित है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में पानी के दोहन का स्तर नियंत्रण में है। प्रशासन अब गर्मियों में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए पहले से तैयारी कर रहा है।
भागलपुर के अलग-अलग प्रखंडों में पानी की क्या है स्थिति?
PHED के कार्यपालक अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि भागलपुर समेत कुल 473 प्रखंडों में भूजल दोहन का स्तर 45.54% है, जिसकी वजह से इसे सुरक्षित श्रेणी में रखा गया है। जिले के अलग-अलग प्रखंडों में पानी के उपयोग के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| प्रखंड |
दोहन प्रतिशत |
प्रखंड |
दोहन प्रतिशत |
| पीरपैंती |
25.41% |
सबौर |
38.06% |
| नारायणपुर |
28.18% |
गोपालपुर |
41.75% |
| रंगरा चौक |
29.79% |
सन्हौला |
42.54% |
| इस्माइलपुर |
29.81% |
जगदीशपुर |
43.45% |
| गोराडीह |
31.91% |
कहलगांव |
42.70% |
| सुल्तानगंज |
35.72% |
बिहपुर |
45.94% |
| शाहकुंड |
46.14% |
खरीक |
49.01% |
| नाथनगर |
54.71% |
नवगछिया |
63.10% |
पानी बचाने और आपूर्ति के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
भूजल को बचाने के लिए भागलपुर नगर निगम 650 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत घरों में गंगा जल की सप्लाई की जाएगी ताकि जमीन से पानी कम निकालना पड़े। बरारी में जल उपचार प्लांट तैयार है, जिससे 45 MLD गंगा जल दिया जाएगा। साथ ही साहेबगंज में 413 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बन रहा है जो गंदे पानी को साफ करेगा।
गर्मियों के लिए प्रशासन ने क्या तैयारी की है?
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मार्च में ही चापाकलों की मरम्मत के लिए 17 टीमों को मैदान में उतारा था। जिले के कुल 18,448 चापाकलों में से 2,121 बंद मिले थे, जिन्हें ठीक करने का काम किया जा रहा है। हालांकि, CGWB की रिपोर्ट में बिहार के 13 जिलों के 62 प्रखंडों में पानी की कमी की आशंका जताई गई है, लेकिन भागलपुर फिलहाल सुरक्षित जोन में है।