Bihar: भागलपुर जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बिहार राज्य टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन ने जिले को
Bihar: भागलपुर जिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हुए 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बिहार राज्य टेक्स्ट बुक कॉर्पोरेशन ने जिले को केवल 75 प्रतिशत किताबें ही भेजी हैं, जिससे करीब एक चौथाई बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल पाई हैं।
किताबों की उपलब्धता और वर्तमान स्थिति क्या है?
शिक्षा विभाग की ओर से भागलपुर जिले को इस सत्र के लिए कुल 3.66 लाख किताबें भेजी गई हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि कॉर्पोरेशन से जितनी किताबें मिली थीं, उन्हें बच्चों में बांट दिया गया है। अब अगर स्कूलों से और मांग आती है, तो शिक्षा विभाग को पत्र लिखा जाएगा। विभाग ने पारदर्शिता के लिए वितरण की वीडियोग्राफी और अलग रजिस्टर रखने का निर्देश दिया है।
किताबों की कमी से उपजे विवाद और अन्य मुद्दे
किताबों की कमी का असर फील्ड में भी दिख रहा है। 9 अप्रैल को जगदीशपुर प्रखंड शिक्षा कार्यालय में किताबों की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार और मध्य विद्यालय मुस्तफापुर हिन्दी के प्रधानाध्यापक आनंद सिंह के बीच विवाद हो गया। प्रधानाध्यापक ने 100 प्रतिशत किताबों की मांग की थी, जबकि विभाग के पास स्टॉक कम था।
विभाग की योजना और जरूरी निर्देश
बच्चों को पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने कुछ खास कदम उठाए हैं:
- बुक बैंक: पुरानी और उपयोगी किताबों के लिए बुक बैंक बनाया जाएगा ताकि जरूरतमंद बच्चों को मदद मिले।
- वितरण नियम: पहले नियमित आने वाले बच्चों को किताबें दी जाएंगी, फिर अनुपस्थित बच्चों को दूसरी खेप मिलने पर दिया जाएगा।
- नया स्टॉक: उम्मीद है कि 15 अप्रैल तक किताबों का नया स्टॉक पहुंच जाएगा।