Bhagalpur में जीविका से बदली सविता की जिंदगी, घरेलू महिला बनीं सफल उद्यमी
Bhagalpur: बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर खुद की पहचान बना रही हैं। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड की बिशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत की रहने वाली सविता कुमारी ने इसका जीता-जागता उदाहरण
Bhagalpur: बिहार के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर खुद की पहचान बना रही हैं। भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड की बिशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत की रहने वाली सविता कुमारी ने इसका जीता-जागता उदाहरण पेश किया है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच सविता ने जीविका (Jeevika) के सहारे अपना खुद का काम शुरू किया और आज वह एक सफल उद्यमी बन चुकी हैं।
सविता कुमारी की यह कामयाबी बिहार सरकार और वर्ल्ड बैंक की मदद से चलने वाली जीविका योजना का असर है। इस पहल का मुख्य मकसद ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना है। जीविका के जरिए महिलाओं को न केवल वित्तीय साक्षरता और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाता है, बल्कि उन्हें बैंक से कर्ज दिलाने और बाजार से जोड़ने में भी मदद की जाती है।
राज्य सरकार महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई नई योजनाएं भी ला रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शुरुआती 10,000 रुपये दिए जाते हैं और काम की प्रगति देखने के बाद इसे 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, जुलाई 2026 से शुरू होने वाली VB-G राम जी योजना के तहत अकुशल मजदूरों और जीविका दीदियों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी, जिसके लिए 6715 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
जीविका का लक्ष्य अपनी सदस्य महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, ताकि उनकी सालाना कमाई 1 लाख रुपये से अधिक हो सके। अब तक करीब 34 लाख महिलाएं इस मुकाम तक पहुंच चुकी हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले 5,000 समूहों को व्यापार विस्तार के लिए 10-10 लाख रुपये का ऋण भी दिया जा रहा है। इन पैसों का इस्तेमाल महिलाएं किराना दुकान, पशुपालन, कृषि और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे उद्योगों में कर रही हैं।