Bihar: भागलपुर के लोगों और किसानों के लिए गंगा नदी पार करना अब पहले से काफी आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार के शिपिंग मंत्रालय के तहत Inland Waterways Authority of India (IWAI) ने जिले के चार मुख्य घाटों पर फ्लोटिंग जेटी (तै
Bihar: भागलपुर के लोगों और किसानों के लिए गंगा नदी पार करना अब पहले से काफी आसान हो जाएगा। केंद्र सरकार के शिपिंग मंत्रालय के तहत Inland Waterways Authority of India (IWAI) ने जिले के चार मुख्य घाटों पर फ्लोटिंग जेटी (तैरते हुए घाट) बनवाए हैं। इससे नावों में चढ़ने-उतरने की समस्या खत्म होगी और स्थानीय व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
किन घाटों पर बनी हैं ये फ्लोटिंग जेटी?
भागलपुर जिले में पश्चिम क्षेत्र के सुलतानगंज और अगवानी घाट के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के कहलगांव और तीनटंगा घाट पर ये जेटी तैयार की गई हैं। सुलतानगंज में दो जेटी बनाई गई हैं, जबकि कहलगांव और तीनटंगा में एक-एक जेटी लगाई गई है। इसके अलावा सुलतानगंज, कहलगांव और बटेश्वर स्थान पर किनारे की अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।
कितना आया खर्च और क्या है वर्तमान स्थिति?
इन चारों पोंटून जेटी के निर्माण में कुल 5.61 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। किनारे की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 2.80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अनुमान लगाया गया है। केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने लोकसभा में बताया कि बिहार के 11 जिलों में कुल 21 वाटर स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 18 का काम पूरा हो चुका है।
आम जनता और व्यापार को क्या फायदा होगा?
इन जेटी के बनने से नदी पार करने वाले यात्रियों और किसानों को नावों पर चढ़ने में आसानी होगी। इससे जल परिवहन मजबूत होगा जिससे स्थानीय कारोबार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, सरकार ने ‘Jal Samriddhi’ पोर्टल शुरू किया है ताकि निजी क्षेत्र भी जेटी और टर्मिनल के विकास में हिस्सा ले सके। माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए ‘Jalvahak – Cargo Promotion Scheme’ जैसी योजनाएं भी लागू की गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में फ्लोटिंग जेटी कहाँ-कहाँ बनाई गई हैं?
ये जेटी सुलतानगंज (2), अगवानी, कहलगांव और तीनटंगा घाट पर बनाई गई हैं।
इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आया है?
चारों जेटी के निर्माण पर 5.61 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं और किनारे की सुविधाओं के लिए 2.80 करोड़ रुपये का अनुमान है।