Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब लोगों के लिए गंगा नदी में जल परिवहन की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख घाटों पर कार्गो और फेरी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है।
Bihar: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब लोगों के लिए गंगा नदी में जल परिवहन की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन ने तीन प्रमुख घाटों पर कार्गो और फेरी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। इस सेवा से यात्रियों और मालवाहक वाहनों का आवागमन तेज और सुरक्षित होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी मदद मिलेगी।
किन रूटों पर चलेगी जहाज सेवा और कौन सी कंपनियां संभालेंगी जिम्मेदारी
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने तीन कंपनियों को इस सेवा के लिए मंजूरी दी है। कन्हैया लॉजिस्टिक, साहिबगंज (झारखंड) बाबूपुर घाट (सबौर) से महादेवपुर घाट के बीच 2 यात्री और 6 मालवाहक जहाज चलाएगी। सार्क सीपिंग, भागलपुर कहलगांव घाट से तीनटंगा घाट के बीच 4 यात्री और 4 मालवाहक जहाज संचालित करेगी। वहीं, गिरिया प्राइवेट लिमिटेड, मनिहारी (कटिहार) बरारी घाट से जाह्नवी चौक घाट के बीच 2 यात्री और 4 कार्गो जहाज चलाएगी।
किराया दरें और सुरक्षा के नियम क्या हैं
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में किराये की दरें तय कर दी गई हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित भाड़े से अधिक वसूली करने या सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। भीड़ नियंत्रण के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने पुलिस बल की तैनाती के आदेश दिए हैं।
| श्रेणी/वाहन |
निर्धारित किराया |
| 12 वर्ष से कम उम्र के यात्री |
₹25 |
| 12 वर्ष से अधिक उम्र के यात्री |
₹50 |
| मोटरसाइकिल |
₹50 |
| साइकिल |
₹20 |
| माल-मवेशी या 100 किलो सामान |
₹30 |
| भारी वाहन (बस, 18 चक्का ट्रक) |
तय किया गया |
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में फेरी सेवा किन घाटों के बीच उपलब्ध होगी
यह सेवा बरारी घाट से महादेवपुर घाट, बाबूपुर घाट से महादेवपुर घाट, कहलगांव घाट से तीनटंगा घाट और बरारी घाट से जाह्नवी चौक घाट के बीच उपलब्ध होगी।
क्या भारी वाहनों को भी गंगा नदी के जरिए पार कराया जाएगा
हाँ, इस सेवा के तहत मोटरसाइकिल, कार, पिकअप, ट्रैक्टर के साथ-साथ बसों और 18 चक्का ट्रक जैसे भारी वाहनों को भी पार कराने की व्यवस्था की गई है।