Bihar : भागलपुर में गंगा नदी के बीच नाव खराब होने से यात्रियों में डर का माहौल बन गया। महादेवपुर और बरारी घाट के बीच चलने वाली नावों में तकनीकी खराबी के कारण लोग बीच धारा में फंस गए। SDRF की टीम ने समय पर पहुंचकर सभी यात
Bihar : भागलपुर में गंगा नदी के बीच नाव खराब होने से यात्रियों में डर का माहौल बन गया। महादेवपुर और बरारी घाट के बीच चलने वाली नावों में तकनीकी खराबी के कारण लोग बीच धारा में फंस गए। SDRF की टीम ने समय पर पहुंचकर सभी यात्रियों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
लगातार क्यों खराब हो रही हैं नावें?
पिछले कुछ दिनों में इस रूट पर नाव खराब होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। 19 मई से 25 मई के बीच करीब पांच बार नावें बीच नदी में बंद हुईं, जिनमें कई बार 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही नाव बार-बार खराब हो रही है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ रही है। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की वजह से लोग नावों पर निर्भर हैं, जिससे नावों पर क्षमता से अधिक भीड़ हो रही है।
SDRF ने कैसे किया बचाव कार्य?
SDRF के इंस्पेक्टर कुमार नीलू और उनकी टीम ने अलग-अलग तारीखों पर बचाव अभियान चलाया। 22 मई को जब 100 से अधिक यात्रियों वाली नाव खराब हुई, तब सबसे पहले बीमार, महिलाओं और बुजुर्गों को निकाला गया। 24 मई को भी करीब 100 यात्री फंसे थे, जिन्हें सुरक्षित निकालकर नाव की मौके पर ही मरम्मत की गई। इन सभी अभियानों में आपदा मित्र और स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया।
प्रशासन का क्या है कहना?
प्रशासन ने भीड़ को संभालने के लिए कुछ अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की है। अधिकारियों के मुताबिक, अगले 10 से 15 दिनों के भीतर बेली ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद लोगों को नावों के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा और आवागमन आसान हो जाएगा। फिलहाल यात्रियों ने नावों की तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में नाव खराब होने की घटनाएं क्यों बढ़ गई हैं?
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोग नावों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे नावों पर क्षमता से अधिक दबाव बढ़ गया है और तकनीकी खराबी की घटनाएं बढ़ी हैं।
यात्रियों को बचाने के लिए कौन सी टीम तैनात है?
SDRF भागलपुर की टीम और आपदा मित्र लगातार निगरानी रख रहे हैं और नाव खराब होने पर त्वरित बचाव कार्य कर रहे हैं।