Bihar: भागलपुर में महादेवपुर घाट से बरारी घाट जा रही यात्रियों से भरी एक नाव बीच गंगा नदी में अचानक खराब हो गई। नाव के बंद होते ही यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया और लोग घबराकर शोर मचाने लगे। यह घटना ऐसे समय में हुई
Bihar: भागलपुर में महादेवपुर घाट से बरारी घाट जा रही यात्रियों से भरी एक नाव बीच गंगा नदी में अचानक खराब हो गई। नाव के बंद होते ही यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया और लोग घबराकर शोर मचाने लगे। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब विक्रमशिला सेतु के एक हिस्से के गिरने के बाद लोग आवाजाही के लिए पूरी तरह नावों पर निर्भर हैं।
नावों पर बढ़ी भीड़ और सुरक्षा के इंतजाम
4 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु के पिलर नंबर 133 के पास एक स्लैब गिरने से सड़क यातायात पूरी तरह बंद हो गया है। इस वजह से बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच नावों का दबाव बहुत बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए सरकारी नावों का संचालन शुरू किया है। सुरक्षा के लिए नावों पर गोताखोरों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन द्वारा तय किए गए किराए और नियम
भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने निजी नावों के लिए किराया तय किया है ताकि यात्रियों से ज्यादा पैसे न लिए जाएं। प्रशासन ने लोगों को क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने की सलाह दी है। बरारी घाट पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक अस्थायी पुलिस स्टेशन भी बनाया गया है।
- 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए किराया: 25 रुपये
- 12 साल से ऊपर के यात्रियों के लिए किराया: 50 रुपये
- साइकिल ले जाने का शुल्क: 20 रुपये
- मोटरसाइकिल ले जाने का शुल्क: 50 रुपये
- सरकारी नाव सेवा: सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक मुफ्त
सेतु की मरम्मत और अन्य सुविधाएं
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए BRO और IIT Patna के एक्सपर्ट्स जांच कर रहे हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुल गिरने की जांच के आदेश दिए हैं और केंद्र से बेली ब्रिज बनाने की मांग की है। यात्रियों की सुविधा के लिए बरारी घाट पर जीविका दीदियों द्वारा कम कीमत पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु क्यों बंद है और लोग नाव का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं?
4 मई 2026 को पुल का एक हिस्सा गिरने से यातायात बाधित हो गया है। अब भागलपुर और नौगचिया के बीच संपर्क के लिए बरारी घाट और महादेवपुर घाट के बीच नाव सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है।
नावों के लिए प्रशासन ने क्या किराया तय किया है?
प्रशासन ने निजी नावों के लिए 12 साल से कम बच्चों का किराया 25 रुपये और बड़ों का 50 रुपये तय किया है। सरकारी नाव सेवाएं सुबह 5 से शाम 5 बजे तक मुफ्त उपलब्ध हैं।