Bihar: भागलपुर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के निर्देश पर प्रवर्तन प्रभाग की टीम ने शहर में सघन जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अवैध
Bihar: भागलपुर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा के निर्देश पर प्रवर्तन प्रभाग की टीम ने शहर में सघन जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में अवैध दुकानों को चिह्नित किया गया और जुर्माना वसूला गया। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है।
नगर निगम की टीम ने क्या कार्रवाई की?
बुधवार को प्रवर्तन प्रभाग की 37 सदस्यीय टीम ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में जांच की। इस दौरान 100 से अधिक अवैध दुकानों को चिह्नित किया गया और 30 अतिक्रमणकारियों को वहां से हटाया गया। प्रशासन ने मौके पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी वसूला। नगर आयुक्त ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोबारा कब्जा करने वालों का सामान जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाह कर्मचारियों का वेतन रोका गया
नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने काम में ढिलाई बरतने वाले प्रवर्तन प्रभाग के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को इस टीम के सदस्यों का वेतन रोक दिया गया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। अब इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद नगर आयुक्त करेंगे ताकि शहर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर पूरी तरह लगाम लग सके।
Lohia Bridge के नीचे से हटाया गया अतिक्रमण
नगर निगम और पथ निर्माण विभाग ने मिलकर लोहिया पुल के नीचे और आसपास से अस्थायी दुकानों को हटाने का अभियान चलाया। पथ निर्माण विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, पुल की तकनीकी जांच के लिए नीचे का हिस्सा खाली होना जरूरी है। गुरुवार को पुल के पिलरों और एक्सपेंशन ज्वाइंट्स की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि पुल की सुरक्षा और रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है?
शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और लोहिया पुल जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं की तकनीकी जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं?
100 से अधिक अवैध दुकानों को चिह्नित किया गया, 30 लोगों को हटाया गया और 15,000 रुपये जुर्माना वसूला गया। दोबारा कब्जा करने पर सामान जब्त करने की चेतावनी दी गई है।