Bhagalpur में श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर DM और SSP ने किया घाटों का निरीक्षण, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Bhagalpur: भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। 31 जुलाई को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न गंगा घाटों और मेला क्षेत्र का दौरा किया।

Bhagalpur: भागलपुर में श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। 31 जुलाई को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न गंगा घाटों और मेला क्षेत्र का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य मकसद यह देखना था कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात की क्या व्यवस्था है ताकि आम लोगों और कांवरियों को कोई दिक्कत न हो।

प्रशासन ने बताया कि इस साल 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में करीब 50 से 55 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। डीएम अलंकृता पांडेय ने साफ कहा है कि धार्मिक आयोजन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 15 से 16 सहायक पुलिस थाने और ट्रैफिक थाने खोले जाएंगे। साथ ही 26 जुलाई से ही अतिरिक्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।

असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए पुलिस की एक विशेष रणनीति तैयार की गई है। कई पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में और कुछ कांवरिया वेश में तैनात रहेंगे ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। भागलपुर को 6 डीएसपी, 60 पुलिस अधिकारी और 1,500 अतिरिक्त जवान दिए गए हैं, जिन्हें प्रमुख घाटों, ठहराव स्थलों और बांका सीमा तक तैनात किया जाएगा।

सुविधा/व्यवस्था विवरण
स्वास्थ्य सेवा 13 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर, जिनमें से 5 शुरू हो चुके हैं
यातायात अकबरनगर में अतिक्रमण हटाओ अभियान और अलग रूट निर्धारित
डिजिटल सुविधा श्रद्धालुओं के लिए मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है
बुनियादी जरूरतें पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश और विश्राम स्थलों पर विशेष जोर

यातायात को सुगम बनाने के लिए शव वाहनों और कूड़ा वाहनों के लिए अलग रास्ता तय किया गया है। रेंज आईजी विवेक कुमार की देखरेख में अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है और उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मेले का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले 30 जुलाई को भी निरीक्षण किया गया था, जिसमें लापरवाही बरतने वाले पांच अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था।