Bihar: भागलपुर में साइबर ठगों ने एक वकील को अपना निशाना बनाया और उनके बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की। ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर कॉल किया और डराया कि उनका बेटा बेंगलुरु में एक गंभीर अपराध
Bihar: भागलपुर में साइबर ठगों ने एक वकील को अपना निशाना बनाया और उनके बेटे को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की। ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर कॉल किया और डराया कि उनका बेटा बेंगलुरु में एक गंभीर अपराध में शामिल है। हालांकि, वकील की सतर्कता और पुलिस की मदद से इस धोखाधड़ी को समय रहते रोक लिया गया।
कैसे किया गया ठगी का प्रयास
यह मामला शनिवार, 2 मई 2026 का है। ठगों ने एक मैसेजिंग ऐप के जरिए वकील से संपर्क किया और अपनी पहचान पुलिस अधिकारी के रूप में बताई। खुद को असली दिखाने के लिए उन्होंने वर्दी पहने एक व्यक्ति की फोटो भी भेजी। ठगों ने दावा किया कि उनका बेटा, जो बेंगलुरु में पढ़ाई कर रहा है, एक रेप केस में फंस गया है। मामले को रफा-दफा करने के बदले उन्होंने तुरंत एक लाख रुपये की मांग की।
पुलिस की मदद से कैसे खुला राज
बेटे के नाम पर घबराए वकील ने पैसों का इंतजाम करना शुरू कर दिया था। इसी बीच उनके एक परिचित ने उन्हें साइबर पुलिस स्टेशन जाने की सलाह दी। जब वकील पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो वहां मौजूद कर्मियों ने खुद उस ठग से बात की। जैसे ही ठग को अहसास हुआ कि वह पकड़ा गया है, उसने गाली-गलौज शुरू कर दी और फोन काट दिया। इस तरह वकील की मेहनत से एक लाख रुपये की ठगी होने से बच गई।
साइबर पुलिस की चेतावनी और सलाह
साइबर DSP Kanishk Srivastava ने बताया कि आजकल पढ़े-लिखे लोग भी इन ठगों के जाल में फंस रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा न करें और बिना वेरिफिकेशन के कोई भी पैसा ट्रांसफर न करें। अगर ऐसा कोई कॉल आए, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें और इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगों ने वकील को डराने के लिए क्या तरीका अपनाया?
ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर कॉल किया और वर्दी वाले व्यक्ति की फोटो भेजी। उन्होंने दावा किया कि वकील का बेटा बेंगलुरु में रेप केस में फंसा है और उसे बचाने के लिए एक लाख रुपये मांगे।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस ने क्या सलाह दी है?
Cyber DSP Kanishk Srivastava ने सलाह दी है कि अनजान कॉल्स को नजरअंदाज करें, बिना जांच-पड़ताल के पैसे न भेजें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।