Bihar: भागलपुर शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में काम कर रहे 282 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है ताकि नियुक्तियों में पारदर्शित
Bihar: भागलपुर शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में काम कर रहे 282 कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की जांच शुरू कर दी है। यह पूरी कार्रवाई पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है ताकि नियुक्तियों में पारदर्शिता बनी रहे। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जांच की प्रक्रिया और समय सीमा क्या है?
शिक्षा विभाग के पास अब तक 207 शिक्षकों की फाइलें जमा हो चुकी हैं। बाकी बचे 75 शिक्षकों की फाइलें संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों से 24 घंटे के भीतर मांगी गई हैं। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने इस काम को ‘अति आवश्यक’ बताया है। अगर तय समय में फाइलें नहीं मिलीं, तो प्रधानाध्यापकों और संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
कौन सी डिग्री मान्य होगी और क्या है नियम?
पटना उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस या आईटी शिक्षकों के लिए केवल BE, B.Tech और MCA जैसी डिग्री को ही मान्य माना गया है। डिप्लोमा या BCA डिग्री को इस पद के लिए पर्याप्त नहीं माना गया है। जिन शिक्षकों की नियुक्ति डिप्लोमा के आधार पर हुई है, उन्हें अवैध माना जा सकता है और उनके वेतन की वसूली भी की जा सकती है।
दस्तावेजों के सत्यापन के लिए क्या जरूरी है?
जांच के लिए जमा होने वाली फाइलों के साथ कुछ कड़े नियम तय किए गए हैं:
- सभी प्रमाण पत्रों वाली फाइलों पर प्रधानाध्यापकों के काउंटर-हस्ताक्षर होना अनिवार्य है।
- बिना काउंटर-हस्ताक्षर वाली फाइलों को अधूरा माना जाएगा और स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- यह कार्रवाई उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा के पत्रांक 383 (दिनांक 13 अप्रैल 2026) के तहत की जा रही है।