Bihar: भागलपुर शहर को गंदगी से बचाने और कचरा मुक्त बनाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता Alok Yadav ने 21 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की है। इस आंदोलन को सिल्क सिटी के लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है और अब यह एक जन आंदोलन बन चुका
Bihar: भागलपुर शहर को गंदगी से बचाने और कचरा मुक्त बनाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता Alok Yadav ने 21 दिनों की भूख हड़ताल शुरू की है। इस आंदोलन को सिल्क सिटी के लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है और अब यह एक जन आंदोलन बन चुका है। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था के खिलाफ यह लड़ाई अब नगर निगम और जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।
Alok Yadav की मुख्य मांगें क्या हैं
आलोक यादव की मांग है कि शहर के डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए। साथ ही उन्होंने हर वार्ड में ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने की बात कही है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक प्रशासन सफाई व्यवस्था में सुधार का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक वह अपना अनशन जारी रखेंगे। नगर प्रबंधक Vijay Prasad Yadav और स्वास्थ्य शाखा प्रभारी Aditya Jaiswal ने मौखिक आश्वासन दिया था, जिसे आलोक ने यह कहकर ठुकरा दिया कि उन्हें लिखित दस्तावेज चाहिए।
स्वास्थ्य की स्थिति और जन समर्थन
लगातार भूख हड़ताल के कारण 11 मई 2026 को आलोक यादव की तबीयत काफी बिगड़ गई और उन्हें ऑक्सीजन मास्क लगाना पड़ा। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है और उन्हें अनशन तोड़ने की सलाह दी जा रही है, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस लड़ाई में सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) और बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) के साथ-साथ बड़ी संख्या में छात्र, व्यापारी और आम नागरिक लाजपत पार्क पहुंचकर अपना समर्थन दे रहे हैं।
नगर निगम की तैयारी और वर्तमान स्थिति
नगर आयुक्त Kislay Kushwaha ने शहर के सभी 51 वार्डों में सड़क, नाला और प्याऊ निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगे हैं, जिसमें प्रति वार्ड करीब 25-25 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। प्रशासन ने सार्वजनिक पार्कों और सड़कों का सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। हालांकि, 11 मई को शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी और कई इलाकों में सुबह से शाम तक कचरे के ढेर लगे रहे, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी हुई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आलोक यादव की भूख हड़ताल का मुख्य कारण क्या है?
भागलपुर शहर को कचरा मुक्त बनाना, डंपिंग यार्ड का वैज्ञानिक निस्तारण और सभी वार्डों में ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करना इस भूख हड़ताल का मुख्य कारण है।
नगर निगम ने सफाई सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नगर निगम ने सभी 51 वार्डों में सड़क, नाला और प्याऊ के निर्माण के लिए करीब 25-25 लाख रुपये के प्रस्ताव मांगे हैं और सार्वजनिक स्थलों का सर्वे शुरू किया है।