Bhagalpur में बाल तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान, मुक्ति निकेतन ने रखा 2030 तक बच्चों की सुरक्षा का लक्ष्य
Bhagalpur: विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के मौके पर भागलपुर में बच्चों की तस्करी रोकने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। शहर की जानी-मानी संस्था मुक्ति निकेतन ने इस लड़ाई में उतरने का एलान किया है। संस्था का ल
Bhagalpur: विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के मौके पर भागलपुर में बच्चों की तस्करी रोकने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। शहर की जानी-मानी संस्था मुक्ति निकेतन ने इस लड़ाई में उतरने का एलान किया है। संस्था का लक्ष्य साल 2030 तक बच्चों की पूरी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करना है।
बिहार में बाल तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी को खत्म करने के लिए प्रशासन भी काफी सक्रिय है। भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ की शुरुआत की है। यह एक राज्यव्यापी अभियान है जिसके जरिए बच्चों को तस्करी के जाल से बचाने की कोशिश की जाएगी।
राज्य स्तर पर भी बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने घोषणा की है कि जल्द ही सभी महिला पुलिस थानों में दो नई इकाइयां बनाई जाएंगी। इनमें से एक यूनिट केवल मानव तस्करी को रोकने के लिए होगी और दूसरी महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए काम करेगी।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने भी इस दिशा में बड़ा लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने बाल तस्करी को एक गंभीर समस्या बताया है जिस पर तुरंत काम करने की जरूरत है।
इस मुहिम में केवल पुलिस और सरकार ही नहीं, बल्कि कई संस्थाएं भी जुड़ी हैं। जिला बाल संरक्षण इकाई, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन और बचपन बचाओ आंदोलन जैसे संगठन जमीन पर काम कर रहे हैं। मोतिहारी और अररिया जैसे जिलों में भी जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं ताकि आम लोग संदिग्ध प्रस्तावों से सावधान रहें और बच्चों की सुरक्षा में अपना योगदान दें।