Bhagalpur में चंपा नदी हुई प्रदूषण मुक्त, 11 बड़े नालों का गंदा पानी अब सीधे जाएगा STP प्लांट
Bhagalpur: शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली चंपा नदी को साफ करने की दिशा में प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है। दशकों से नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी को अब सीवरेज नेटवर्क के जरिए साहेबगंज स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्ल
Bhagalpur: शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली चंपा नदी को साफ करने की दिशा में प्रशासन को बड़ी कामयाबी मिली है। दशकों से नदी में गिरने वाले नालों के गंदे पानी को अब सीवरेज नेटवर्क के जरिए साहेबगंज स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भेजा जा रहा है। इससे नदी में प्रदूषित पानी का गिरना लगभग बंद हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरण को बड़ी राहत मिली है।
नमामि गंगे परियोजना के तहत 385 करोड़ रुपये की लागत से इस STP का निर्माण कराया गया है। चंपापुल से लेकर साहेबगंज तक के 11 मुख्य नालों को सीवरेज लाइन से जोड़ दिया गया है। पहले इन नालों का सारा कचरा और गंदा पानी सीधे नदी में मिलता था, लेकिन अब इसे प्लांट में भेजकर साफ किया जा रहा है।
वर्तमान में चंपापुल से साहेबगंज के बीच 10 एमएलडी और अलीगंज व बागबाड़ी पंपिंग स्टेशन के जरिए 7 एमएलडी पानी प्लांट तक पहुंच रहा है। इस तरह रोजाना करीब 17 एमएलडी गंदे पानी का शोधन हो रहा है। उपचार के बाद लगभग 15 एमएलडी साफ पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जिसका इस्तेमाल किनारे के किसान अपनी फसलों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं।
| विवरण | जानकारी | |
|---|---|---|
| STP की कुल क्षमता | 45 एमएलडी | |
| परियोजना लागत | 385 करोड़ रुपये | |
| जुड़े हुए मुख्य नाले | 11 | |
| दैनिक शोधन मात्रा | 17 एमएलडी | |
| परियोजना पूर्ण होने की तिथि | 31 दिसंबर, 2026 | |
| कार्य शुरू होने की तारीख | 31 मार्च, 2022 |
बुडको के परियोजना उप निदेशक मो. सद्दाम ने बताया कि चंपानाला के पास चौथा सीवरेज पंपिंग स्टेशन चालू हो गया है और जल्द ही सभी 10 पंपिंग स्टेशनों को शुरू कर दिया जाएगा। बूढ़ानाथ मंदिर के पास दो नए पंपिंग स्टेशन बन चुके हैं, जिनमें से एक का ट्रायल शुरू हो गया है और दूसरे का ट्रायल 25 जून, 2026 को होना तय है। भागलपुर नगर निगम की मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने भी इस प्लांट का निरीक्षण किया है।