Bhagalpur-Basukinath पथ पर गूंजे बोल बम के जयकारे, सुरक्षा के लिए तैनात 6,000 जवान
Bhagalpur/Basukinath: श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही भागलपुर और बासुकीनाथ के रास्तों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. 30 जुलाई से शुरू हुए इस मेले में हजारों डाक बम और कांवरिया पवित्र जल लेकर बाबा बासुकीन
Bhagalpur/Basukinath: श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत के साथ ही भागलपुर और बासुकीनाथ के रास्तों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. 30 जुलाई से शुरू हुए इस मेले में हजारों डाक बम और कांवरिया पवित्र जल लेकर बाबा बासुकीनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं. पहली सोमवारी के मौके पर 2 अगस्त को भक्तों का जबरदस्त हुजूम देखा गया, जिससे पूरा इलाका शिवमय हो गया है.
भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने नमामि गंगे घाट, अजगैविनाथ गंगा घाट और कांवरिया पथ का खुद निरीक्षण किया है. प्रशासन ने चोरी रोकने के लिए सख्ती बरती है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है. सुरक्षा के लिए करीब 6,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए गए हैं. पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटा गया है ताकि भीड़ को आसानी से कंट्रोल किया जा सके. निगरानी के लिए ड्रोन और हजारों सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल हो रहा है.
झारखंड सरकार ने इस बार एक बड़ा फैसला लेते हुए देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर में VIP और VVIP दर्शन की व्यवस्था खत्म कर दी है. अब सभी श्रद्धालुओं को एक समान लाइन में लगकर दर्शन करने होंगे. वहीं, बासुकीनाथ धाम में भीड़ को संभालने के लिए पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और अर्घा सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है.
बौंसी-बासुकीनाथ मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां स्वयंसेवक कांवरियों को फल, शर्बत और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं दे रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और रास्ते में साफ-सफाई बनाए रखें. कहलगांव के ऐतिहासिक पड़ाव संघ की 114वीं कांवड़ यात्रा 5 अगस्त से शुरू होगी, जबकि 10 अगस्त को दूसरी सोमवारी पर जलाभिषेक होगा.