Bihar: भागलपुर और संताल परगना के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। भागलपुर-बड़हरवा रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को Network Planning Group (NPG) ने मंजूरी दे दी है। करीब 4,509 करोड़ रुपये की
Bihar: भागलपुर और संताल परगना के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। भागलपुर-बड़हरवा रेलखंड पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट को Network Planning Group (NPG) ने मंजूरी दे दी है। करीब 4,509 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और सफर का समय भी घटेगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें और लागत
यह रेलवे प्रोजेक्ट कुल 129.5 किलोमीटर लंबा होगा। रेलवे बोर्ड ने इसे पहले ही मंजूरी दे दी थी और अब NPG की हरी झंडी के बाद फाइल NITI Aayog को भेज दी गई है। इसके बाद वित्त मंत्रालय और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस काम के लिए भागलपुर के जिला भूमि अधिग्रहण अधिकारी (DLAO) को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है।
| विवरण |
जानकारी |
| प्रोजेक्ट का नाम |
भागलपुर-बड़हरवा तीसरी और चौथी रेल लाइन |
| कुल अनुमानित लागत |
4,509 करोड़ रुपये |
| कुल लंबाई |
129.5 किलोमीटर |
| सर्वे की शुरुआत |
साल 2022 |
| प्रभावित क्षेत्र |
भागलपुर (बिहार) और साहेबगंज (झारखंड) |
आम यात्रियों और व्यापार को क्या फायदा होगा
नई लाइनें बिछने से ट्रेनों को एक-दूसरे के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। इससे न केवल यात्री ट्रेनों बल्कि मालगाड़ियों का संचालन भी समय पर होगा। उत्तर बिहार, कोसी-सीमांचल और पूर्वोत्तर राज्यों तक माल पहुँचाने में समय की बचत होगी। साथ ही, इस रूट पर सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों के चलने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
- ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और यात्रा समय कम होगा।
- रेलवे को सालाना करीब 550 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है।
- व्यापारिक स्तर पर 1350 करोड़ रुपये का फायदा होने का अनुमान है।
- माल ढुलाई की सुविधा बेहतर होने से स्थानीय कारोबारियों को मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भागलपुर-बड़हरवा रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 4,509 करोड़ रुपये है और यह कुल 129.5 किलोमीटर की लंबाई में फैला होगा।
इस प्रोजेक्ट से आम यात्रियों को क्या लाभ मिलेगा?
नई लाइनों से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, ट्रेनों को रुकना नहीं पड़ेगा और भविष्य में यहाँ से सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें भी चल सकेंगी।