Bihar: भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में लोगों को साफ पानी मुहैया कराने और जल संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। ‘वूमेन फॉर वाटर, वाटर फॉर वूमेन’ अभियान के तहत महिलाओं को ‘अमृत मित्र’ के रूप में त
Bihar: भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में लोगों को साफ पानी मुहैया कराने और जल संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। ‘वूमेन फॉर वाटर, वाटर फॉर वूमेन’ अभियान के तहत महिलाओं को ‘अमृत मित्र’ के रूप में तैयार किया जा रहा है। ये प्रशिक्षित महिलाएं अब घर-घर जाकर पानी की शुद्धता की जांच करेंगी और पाइपलाइन में होने वाले रिसाव का पता लगाएंगी।
अमृत मित्र क्या काम करेंगी और कितनी मिलेगी फीस
नगर प्रबंधक सह पीआरओ विनय यादव ने बताया कि अमृत मित्र के तौर पर चयनित महिलाओं को प्रतिदिन कम से कम पांच घरों के पानी के नमूने लेने होंगे। पानी की जांच के लिए एक शुल्क तय किया गया है, जिसके तहत हर जांच के लिए 40 रुपये का मानदेय मिलेगा। यह पैसा उन घरों द्वारा दिया जाएगा जिनके पानी की टेस्टिंग की जाएगी।
पानी की शुद्धता के लिए किन चीजों की होगी जांच
महिलाओं को विशेष किट दी गई है जिसमें टीडीएस मीटर, थर्मामीटर और विभिन्न रिएजेंट शामिल हैं। वे मुख्य रूप से इन 11 मानकों की जांच करेंगी:
| जांच के मानक |
विवरण |
| केमिकल और मिनरल |
पीएच मान, फ्लोराइड, कठोरता, क्लोराइड, लौह तत्व, नाइट्रेट, अमोनिया |
| अन्य मानक |
क्षारीयता, मटमैलापन, टीडीएस और तापमान |
अभियान का उद्देश्य और महिलाओं की भूमिका
अमृत मिशन 2.0 के इस प्रोजेक्ट में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की 34 महिलाओं का चयन किया गया है, जिनमें से पहले चरण में 20 महिलाओं को ट्रेनिंग और किट देकर फील्ड में उतारा गया है। इनका काम सिर्फ पानी जांचना ही नहीं, बल्कि लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और जलजनित बीमारियों को रोकना भी है। इसके अलावा ये महिलाएं जलापूर्ति शुल्क और संपत्ति कर वसूलने में भी सहयोग करेंगी।