Bihar: भागलपुर के लोगों का हवाई सफर का सपना अब जल्द पूरा हो सकता है। Airports Authority of India (AAI) की टीम एयरपोर्ट के लिए तय जगह का निरीक्षण करने वाली है। सरकार की कोशिश है कि शहर को जल्द से जल्द हवाई नेटवर्क से जोड़
Bihar: भागलपुर के लोगों का हवाई सफर का सपना अब जल्द पूरा हो सकता है। Airports Authority of India (AAI) की टीम एयरपोर्ट के लिए तय जगह का निरीक्षण करने वाली है। सरकार की कोशिश है कि शहर को जल्द से जल्द हवाई नेटवर्क से जोड़ा जाए ताकि व्यापार और यात्रा आसान हो सके।
एयरपोर्ट के लिए क्या तैयारी है और कब होगा निरीक्षण
AAI की दो टीमें 15 से 18 अप्रैल 2026 के बीच बिहार का दौरा करेंगी, जिसमें भागलपुर के प्रस्तावित एयरपोर्ट की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी की जाएगी। इससे पहले 2 अप्रैल 2026 को सर्वे टीम ने जमीन की जांच शुरू कर दी थी। इंजीनियर यह देख रहे हैं कि क्या मौजूदा रनवे की लंबाई ATR-72 विमानों के लिए काफी है। साथ ही आसपास की इमारतों और बिजली के तारों की भी जांच की जा रही है ताकि उड़ान में कोई रुकावट न आए।
जमीन और बजट का क्या है पूरा हिसाब
बिहार कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए काफी तैयारी की है। सुल्तानगंज ब्लॉक में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण पर जोर दिया गया है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल बजट (जमीन के लिए) |
472 करोड़ रुपये |
| कुल जमीन (सुल्तानगंज) |
931 एकड़ |
| अन्य विकल्प (गोराडीह) |
660 एकड़ |
| AAI रिपोर्ट बजट |
1.21 करोड़ रुपये |
| योजना का नाम |
UDAN स्कीम |
आम लोगों और व्यापार को क्या होगा फायदा
भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि नया एयरपोर्ट बनने से शहर राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि भागलपुर के मशहूर सिल्क व्यापार और कार्गो सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का कोई भी जिला 200 किलोमीटर से ज्यादा दूर किसी एयरपोर्ट से न हो, इसी रणनीति के तहत यह काम तेजी से किया जा रहा है।