Bihar: भागलपुर में इन दिनों चल रही पछुआ हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हवा में उड़ रही धूल की वजह से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है, जिससे सांस के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। शहर के मायागंज और सदर अस्पताल मे
Bihar: भागलपुर में इन दिनों चल रही पछुआ हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हवा में उड़ रही धूल की वजह से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है, जिससे सांस के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। शहर के मायागंज और सदर अस्पताल में हर दिन 40 से 50 नए अस्थमा के मरीज पहुंच रहे हैं। यह स्थिति खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए काफी खतरनाक साबित हो रही है।
अस्पतालों में क्यों बढ़ रहे हैं मरीज और क्या है कारण
डॉक्टरों के मुताबिक, मार्च के दूसरे हफ्ते तक जहां रोजाना 28-32 मरीज आ रहे थे, अब यह संख्या 50 के पार पहुंच गई है। मायागंज अस्पताल के डॉ. वीरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि उनके पास आने वाले करीब 50% मरीज सांस की तकलीफ से परेशान हैं। वहीं डॉ. ओबेद अली के अनुसार, शहर में चल रहे निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल में PM2.5 और PM10 जैसे बारीक कण होते हैं। ये कण सीधे फेफड़ों में जाकर नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें भी अस्थमा को बढ़ा रही हैं।
प्रदूषण रोकने के नियम और जुर्माने का प्रावधान
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने प्रदूषण रोकने के लिए कड़े नियम बनाए हैं, लेकिन इनका पालन सही से नहीं हो रहा है। नियमों के तहत विभिन्न गलतियों पर जुर्माने की राशि तय की गई है:
| कारण |
जुर्माने की राशि |
| कचरा, फसल अवशेष या टायर जलाना |
5,000 से 25,000 रुपये |
| खुले में बालू, गिट्टी या मिट्टी का परिवहन |
2,000 से 10,000 रुपये |
| निर्माण के दौरान पानी का छिड़काव न करना |
2,000 से 5,000 रुपये |
बचाव के लिए डॉक्टरों ने क्या सलाह दी है
- बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी वाले मास्क का इस्तेमाल करें।
- सुबह और शाम के समय जब प्रदूषण ज्यादा हो, तब बाहर जाने से बचें।
- घर की खिड़कियों और दरवाजों पर पर्दे लगाएं ताकि धूल अंदर न आए।
- घर के अंदर तुलसी और एलोवेरा जैसे पौधे लगाएं जो हवा को साफ रखते हैं।
- खुले निर्माण स्थलों के पास जाने से बचें और संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।