Bhagalpur के 17 स्कूलों का हुआ मॉडल स्कूल के रूप में शुभारंभ, अब छात्रों को मिलेंगी स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाएं
Bhagalpur: जिले के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल हुई है। भागलपुर के 17 स्कूलों को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है, जिनका वर्चुअल शुभारंभ किया गया। अब जिले के
Bhagalpur: जिले के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल हुई है। भागलपुर के 17 स्कूलों को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है, जिनका वर्चुअल शुभारंभ किया गया। अब जिले के हर प्रखंड में एक ऐसा स्कूल होगा जहाँ बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की तरह आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन 17 स्कूलों समेत राज्य के कुल 551 मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारना है ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को उनके घर के पास ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, इंटरनेट और आधुनिक साइंस लैब जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
भागलपुर के जिलाधिकारी ने कहा कि आधुनिक संसाधनों के आने से छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी। जिला शिक्षा अधिकारी Chandan Kumar ने पुष्टि की है कि सभी 17 मॉडल स्कूलों में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है और यहाँ नियमित कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इन स्कूलों के माध्यम से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा।
जिले के जिला स्कूल को भी ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल में अपग्रेड किया गया है। यहाँ हाई-टेक सुविधाएं उपलब्ध हैं और इसे पूरी तरह से आवासीय स्कूल बनाने की योजना है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने भागलपुर के चार और बड़े शहरी सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे जिले में कुल मॉडल स्कूलों की संख्या 21 हो जाएगी।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने 18 जुलाई 2026 को पटना के 10 मॉडल स्कूलों में मुफ्त JEE-NEET कोचिंग प्रोग्राम भी शुरू किया है। इस पहल का विस्तार अन्य स्कूलों में भी किया जाएगा। साथ ही, बिहार सरकार ने नए डिग्री कॉलेजों में शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने के लिए 50 लाख रुपये की शुरुआती अनुदान राशि भी आवंटित की है।